नयी दिल्ली : नयी दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला PG इमारत ढहने से मौतों का आंकड़ा सोमवार को बढ़कर सात हो गया। हादसे के दूसरे दिन भी मलबे में तलाश और राहत अभियान जारी रहा। पुलिस, NDRF, दमकल और दिल्ली आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें मलबे में फंसे लोगों की तलाश करती रहीं। हादसे के बाद प्रशासन ने दक्षिणी जोन के उपायुक्त समेत 4 इंजीनियरों को निलंबित कर दिया है। ताजा जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने फरार चल रहे इमारत मालिक हरिराम बंसल को भिवाड़ी से गिरफ्तार कर लिया है।
मरम्मत के दौरान भरभराकर गिरी इमारत : दिल्ली विश्वविद्यालय के दक्षिण परिसर के पास स्थित इमारत रविवार दोपहर करीब डेढ़ बजे उस वक्त ढही, जब उसमें मरम्मत का काम चल रहा था। इमारत में छात्रों के लिए पेइंग गेस्ट आवास संचालित हो रहा था। शुरुआती जांच में मरम्मत के दौरान ढांचे से छेड़छाड़ और बेसमेंट में पानी जमा होने को हादसे की संभावित वजहों में माना जा रहा है।
12 लोग निकाले गए, अस्पताल में इलाज जारी : पुलिस के मुताबिक, बचाव दल अब तक मलबे से 12 लोगों को बाहर निकाल चुका है। एम्स ट्रॉमा सेंटर में लाए गए घायलों में कई की हालत गंभीर थी। कुछ को इलाज के बाद छुट्टी दी गई, जबकि अन्य का उपचार जारी है। राहत टीमों का अभियान देर रात तक चलने की संभावना जताई गई थी।
रेंट एग्रीमेंट ने खड़े किए नए सवाल : हादसे के बाद PG छात्रों के साथ किया गया रेंट एग्रीमेंट भी जांच के घेरे में आ गया है। सामने आए दस्तावेज में एक शर्त के तहत PG प्रबंधन को किराएदार की किसी भी दुर्घटना, जानमाल के नुकसान या जोखिम के लिए जिम्मेदार नहीं बताया गया था। इस प्रावधान ने छात्रों की सुरक्षा और भवन मालिक की जिम्मेदारी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मालिक पर गैर इरादतन हत्या समेत केस : दिल्ली पुलिस ने हरिराम और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या, भवन के रखरखाव में लापरवाही और लोगों की सुरक्षा खतरे में डालने के आरोपों में मामला दर्ज किया था। मालिक की तलाश में लुकआउट नोटिस और कई पुलिस टीमों की कार्रवाई के बाद उसकी गिरफ्तारी हुई। अब पुलिस उससे निर्माण, मरम्मत और PG संचालन से जुड़े दस्तावेजों तथा सुरक्षा इंतजामों को लेकर पूछताछ करेगी।
प्रशासनिक लापरवाही पर भी गिरी गाज : हादसे के बाद MCD अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं। दक्षिणी जोन के उपायुक्त और 4 इंजीनियरों को निलंबित किए जाने से साफ है कि जांच का दायरा केवल मकान मालिक तक सीमित नहीं रहेगा। आसपास की अन्य इमारतों की सुरक्षा और कथित अवैध निर्माण की भी जांच की जा रही है।
हाई कोर्ट में सुनवाई : सत्य निकेतन मामले में सोमवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि इस हादसे के लिए दिल्ली नगर निगम और दिल्ली यूनिवर्सिटी दोनों जिम्मेदार हैं। कोर्ट ने कहा कि बाहर से पढ़ने आने वाले छात्रों के हॉस्टलों की हालत बेहद दयनीय और खराब है। सरकार जिम्मेदारी से नहीं बच सकती है। अदालत ने एमसीडी (MCD), दिल्ली सरकार, केंद्र सरकार, NHRC और दिल्ली विश्वविद्यालय को 10 दिनों के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।