गुवाहाटी :
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने गुवाहाटी में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 53.937 किलोग्राम मेथामफेटामाइन की गोलियां जब्त की हैं। अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में इनकी अनुमानित कीमत करीब 43 करोड़ रुपये बताई गई है। इस मामले में मणिपुर के बिष्णुपुर जिले के दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। एनसीबी के आधिकारिक बयान के अनुसार, गुवाहाटी जोनल इकाई ने खुफिया सूचना के आधार पर छह अक्टूबर को यह कार्रवाई की थी। अधिकारियों ने संदेह के आधार पर दो ट्रकों को रोककर उनकी तलाशी ली। इस दौरान दोनों वाहनों के ईंधन टैंकों के भीतर विशेष रूप से बनाए गए गुप्त कक्ष मिले। इन्हीं कक्षों में प्रतिबंधित मादक पदार्थ छिपाकर रखे गए थे। तलाशी के दौरान कुल 53.937 किलोग्राम मेथामफेटामाइन की गोलियां बरामद की गईं। एनसीबी ने कहा कि इस कार्रवाई से मादक पदार्थों की एक बड़ी खेप की तस्करी की कोशिश को विफल किया गया है। मामले की जांच जारी है। एजेंसी का उद्देश्य इस तस्करी नेटवर्क की पूरी आपूर्ति शृंखला का पता लगाना और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान करना है। जांच के दायरे में अंतरराष्ट्रीय आपूर्तिकर्ता, देश के भीतर खेप प्राप्त करने वाले लोग, वित्तपोषक, ट्रांसपोर्टर और अन्य सहयोगी शामिल हैं।
फरार आरोपियों के खिलाफ भी अभियान
इस बीच, एनसीबी की गुवाहाटी इकाई ने अपने विशेष ‘फरार ड्राइव पखवाड़े’ के तहत छह अन्य आरोपियों को भी पकड़ा है। यह अभियान स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस एक्ट) के तहत दर्ज मामलों में वांछित लोगों को गिरफ्तार करने के उद्देश्य से चलाया गया। एनसीबी के अनुसार, पकड़े गए छह लोगों में दो असम के निवासी हैं, जबकि बिहार, मध्य प्रदेश, मणिपुर और त्रिपुरा से एक-एक व्यक्ति शामिल है। एजेंसी ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य कानूनी प्रक्रिया से बच रहे आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के दायरे में लाना है। एनसीबी ने मादक पदार्थों की संगठित और सीमा पार तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान को मजबूत करने तथा राज्य पुलिस और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय बढ़ाने की बात भी कही है।