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100 दिनों में बैरकपुर में लगेगी विभूतिभूषण की प्रतिमा

परिवार की मांग पर श्रम एवं परिवहन मंत्री अर्जुन सिंह की तत्काल पहल, विभूतिभूषण क्रीड़ांगन में स्थापित होगी महान साहित्यकार की प्रतिमा पुत्रवधू मित्रा बंद्योपाध्याय ने उठाया था प्रतिमा स्थापना का मुद्दा, साहित्यकार के नाम पर गतिविधियों के लिए आर्थिक सहायता देने का भी आश्वासन

Krishna Das Parth

बैरकपुर : महान साहित्यकार और कथाकार विभूतिभूषण बंद्योपाध्याय की स्मृति को सम्मान देने की दिशा में बैरकपुर में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। उत्तर 24 परगना जिले के बैरकपुर स्थित विभूतिभूषण बंद्योपाध्याय क्रीड़ांगन में अगले 100 दिनों के भीतर उनकी प्रतिमा स्थापित की जाएगी। राज्य के श्रम एवं परिवहन मंत्री तथा नोआपाड़ा विधानसभा क्षेत्र के विधायक अर्जुन सिंह ने इसकी घोषणा की है। मंत्री की इस घोषणा से साहित्यकार के परिवार और उनके प्रशंसकों में उत्साह देखा जा रहा है।

पुण्यतिथि के कार्यक्रम में उठी प्रतिमा स्थापना की मांग

दरअसल, 1 नवंबर को महान साहित्यकार विभूतिभूषण बंद्योपाध्याय की पुण्यतिथि के अवसर पर बैरकपुर के विभूतिभूषण बंद्योपाध्याय क्रीड़ांगन में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में श्रम एवं परिवहन मंत्री अर्जुन सिंह भी शामिल हुए थे। कार्यक्रम के दौरान मंच पर मौजूद साहित्यकार की पुत्रवधू एवं संगीत कलाकार मित्रा बंद्योपाध्याय ने क्रीड़ांगन परिसर में उनकी प्रतिमा स्थापित करने की मांग उठाई। मित्रा बंद्योपाध्याय ने मंत्री का ध्यान इस ओर आकर्षित किया कि क्रीड़ांगन का नाम महान साहित्यकार विभूतिभूषण बंद्योपाध्याय के नाम पर रखा गया है, लेकिन इतने महत्वपूर्ण नाम से जुड़े इस परिसर में उनकी कोई प्रतिमा नहीं है। उन्होंने कहा कि साहित्यकार के नाम पर बने इस क्रीड़ांगन में उनकी प्रतिमा स्थापित होने से आने वाली पीढ़ियों को उनके साहित्यिक योगदान और व्यक्तित्व से परिचित होने का अवसर मिलेगा।

मंत्री ने 100 दिनों के भीतर स्थापना का दिया भरोसा

परिवार की इस मांग पर मंत्री अर्जुन सिंह ने तत्काल प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कार्यक्रम के मंच से ही घोषणा की कि अगले 100 दिनों के भीतर क्रीड़ांगन परिसर में विभूतिभूषण बंद्योपाध्याय की प्रतिमा स्थापित कर दी जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने साहित्यकार के नाम पर विभिन्न सांस्कृतिक और अन्य गतिविधियां आयोजित करने वालों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की बात भी कही। मंत्री की इस घोषणा को साहित्यकार की स्मृति को संरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे न केवल उनके परिवार की लंबे समय से उठाई जा रही मांग पूरी होने की उम्मीद है, बल्कि बैरकपुर के इस क्रीड़ांगन को साहित्यकार की विरासत से जोड़ने का अवसर भी मिलेगा।

मित्रा बंद्योपाध्याय ने जताया आभार

कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए मित्रा बंद्योपाध्याय ने मंत्री अर्जुन सिंह की तत्काल पहल और घोषणा की सराहना की। उन्होंने प्रतिमा स्थापना की मांग पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देने के लिए मंत्री के प्रति आभार जताया। गौरतलब है कि विभूतिभूषण बंद्योपाध्याय बंगला साहित्य के प्रतिष्ठित कथाकारों में शामिल हैं। उनकी कालजयी कृति 'पथेर पांचाली' ने उन्हें देश-दुनिया में विशेष पहचान दिलाई। उनकी साहित्यिक रचनाएं आज भी पाठकों को ग्रामीण जीवन, प्रकृति और मानवीय संवेदनाओं से परिचित कराती हैं। ऐसे में बैरकपुर के क्रीड़ांगन में उनकी प्रतिमा स्थापित होने से स्थानीय स्तर पर उनकी स्मृति और साहित्यिक विरासत को नई पहचान मिलने की उम्मीद है।

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