इस्लामाबाद : पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा राज्य के बाजौर में रविवार को एक पॉलिटिकल रैली में के दौरान ब्लास्ट हुआ। पुलिस ने इसे आतंकी हमला बताया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक- 35 लोगों की मौत हो चुकी है और 80 लोग घायल हैं। घटना बाजौर की खार तहसील की है। यहां सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल जमीयत उलेमा इस्लाम फजल (JUI-F) की रैली चल रही थी।
पार्टी ने कहा- 35 कार्यकर्ता मारे गए
इस रैली को JUI-F के सीनियर लीडर हाफिज हमदुल्लाह संबोधित करने वाले थे, लेकिन वो किसी वजह से यहां पहुंच नहीं सके। बाद में मीडिया से बातचीत में हाफिज ने कहा- हमारे करीब 35 कार्यकर्ता इस ब्लास्ट में मारे गए हैं। मैं इस घटना की निंदा करता हूं। हमारे हौसले इस तरह के हमलों से कम नहीं होंगे। हाफिज ने आगे कहा- इस तरह के हमले पहले भी होते रहे हैं। इनकी गहराई से जांच होनी चाहिए। हमें तो किसी तरह की सिक्योरिटी भी मुहैया नहीं कराई जाती। हम इस मसले को संसद में उठाएंगे।
हमले के पीछे कौन
JUI-F कट्टर इस्लामी संगठन है और इसके तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और अफगान तालिबान से करीबी रिश्ते हैं। लिहाजा, इस बात की आशंका कम है कि इस इलाके में तालिबान ने हमला किया होगा। अब सवाल ये है कि अगर तालिबान ने हमला नहीं किया तो फिर कौन इसके पीछे होगा। पाकिस्तान सरकार और तालिबान के बीच बातचीत कराने में भी जमीयत चीफ मौलाना फजल-उर-रहमान का अहम रोल था। हालांकि, बाद में यह बातचीत नाकाम हो गई थी।