नई दिल्ली :
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में चलती बस में 16 वर्षीय नाबालिग से कथित सामूहिक दुष्कर्म की घटना का स्वतः संज्ञान लिया है। न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की पीठ ने कहा कि ऐसी घटनाएं कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक तंत्र की व्यवस्थागत कमियों को उजागर करती हैं। अदालत ने सार्वजनिक स्थानों, बसों और पार्कों में रोशनी, निगरानी तथा सुरक्षा सुविधाओं की जरूरत पर जोर दिया। आरोप है कि चार अगस्त को ग्रेटर नोएडा से स्लीपर बस में सवार लड़की से चालक और परिचालक ने कथित दुष्कर्म किया और उसे करीब 40 किलोमीटर दूर पुरानी दिल्ली में छोड़ दिया।