नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को झारखंड के 25वें स्थापना दिवस पर राज्य के लोगों को शुभकामनाएं दीं। साथ ही उन्होंने आदिवासी नेता और स्वतंत्रता सेनानी बिरसा मुंडा को भी उनकी 150वीं जयंती पर श्रद्धांजलि दी। बिरसा मुंडा की जयंती पूरे देश में ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाई जाती है।
वर्तमान झारखंड में 1875 में जन्मे मुंडा ने ब्रिटिश शासन को चुनौती दी और उन्हें आदिवासियों को उसके विरुद्ध संगठित करने का श्रेय दिया जाता है। उनका 25 वर्ष की अल्पायु में ब्रिटिश हिरासत में निधन हो गया था।
मोदी ने ‘X’ पर लिखा
मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘देश के महान स्वतंत्रता सेनानी भगवान बिरसा मुंडा जी को उनकी 150वीं जयंती पर शत-शत नमन।‘ उन्होंने कहा कि जनजातीय गौरव दिवस के इस पावन अवसर पर पूरा देश मातृभूमि के स्वाभिमान की रक्षा के लिए उनके अतुलनीय योगदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण कर रहा है। सतह ही उन्होंने झारखण्ड स्थापना दिवस के तहत यह लिखा कि, ‘जनजातीय संस्कृति से समृद्ध गौरवशाली प्रदेश झारखंड के सभी निवासियों को राज्य के स्थापना दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं।
भगवान बिरसा मुंडा जी की इस धरती का इतिहास साहस, संघर्ष और स्वाभिमान की गाथाओं से भरा हुआ है।’ उन्होंने कहा, ‘आज इस विशेष अवसर पर मैं राज्य के अपने सभी परिवारजनों के साथ ही यहां की प्रगति और समृद्धि की कामना करता हूं।’
गौरतलब है कि झारखंड 2000 में बिहार से अलग करके बनाया गया था। 15 नवंबर को राज्य का स्थापना दिवस होने के साथ ही आदिवासी नेता बिरसा मुंडा की जयंती भी है। बिरसा मुंडा को झारखण्ड में भगवान का दर्जा प्राप्त है। खासकर आदिवासी जनजाति समूह के लोगों द्वारा उनकी पूजा की जाती है। बिरसा मुंडा ने ब्रिटिश शासन के विरुद्ध मुंडा विद्रोह का नेतृत्व किया था। आदिवासी अधिकारों और स्वशासन के लिए उनके संघर्ष ने उन्हें स्थानीय समुदायों के प्रतिरोध और सशक्तीकरण का प्रतीक बना दिया था।
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