सर तन से जुदा गाने पर डांस करते स्कूली बच्चे 
राज्य

स्कूल में विवादित प्रस्तुति : बच्चों के हाथ में तलवारें, वार्षिक समारोह के वीडियो पर मचा बवाल

वार्षिक समारोह में ‘सर तन से जुदा’ जैसे विवादित गीत पर तलवारों संग बच्चों की प्रस्तुति, प्रिंसिपल सहित तीन पर आपराधिक मामला दर्ज

महाराष्ट्र से एक अजीबोगरीब खबर आई है। रिपोर्ट के अनुसार एक प्राइवेट स्कूल ने अपने छात्रों के हाथ में तलवार देकर इसी “सर तन से जुदा” गाने पर डांस करा दिया गया। मामला पुलिस के पास पहुंचा तो प्रिंसिपल समेत 3 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। अब ये मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है।

क्यों कराया बच्चों को डांस

यह कारनामा करने वाला स्कूल महाराष्ट्र के जालना जिले के परतूर में स्थित है। स्कूल के वार्षिक समारोह में हुए डांस का वीडियो वायरल हुआ तो पुलिस के पहले तो होश फाख्ता हो गए। फिर उसने मुकदमा दर्ज किया। आरोपों के अनुसार, छात्रों ने 'सर तन से जुदा' से जुड़े गीतों पर प्रस्तुति दी और तलवारों का इस्तेमाल किया। परतूर के इस 'किड्स वर्ल्ड इंग्लिश स्कूल' के वार्षिक स्नेह सम्मेलन में छात्रों के हाथों में नकली तलवारें देकर हिंसक कृत्यों का प्रदर्शन करने और आपत्तिजनक गाने पर बच्चों के परफॉर्म करने का गंभीर मामला सामने आया है।

किन-किन पर हुआ केस दर्ज

वायरल वीडियो में जिस बैकग्राउंड म्यूजिक का इस्तेमाल किया गया है, उसके बोल “गुस्ताख-ए-नबी की एक सजा, सर तन से जुदा' है”। यह विवादित गीत हिंसा की मानसिकता को बढ़ावा देता है। इस गंभीर मामले में स्कूल के अध्यक्ष और प्रिंसिपल मोहम्मद वजीउद्दीन तारिक सिद्दीकी, शिक्षक शेख साजिद अब्दुल गनी और मंच संचालिका एंकर उज्मा तब्बसूम शेख के खिलाफ परतूर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है।

सीएम फडणवीस तक पहुंचा मामला

इन तीनों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 152, 196(1)(अ), 197, 353(2) और 3(5) के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज की गई है। परतूर के इस स्कूल में हुए कथित आपत्तिजनक प्रदर्शन की खबर खूब वायरल हुई। खबर के प्रसारण के तुरंत बाद पूर्व मंत्री और विधायक बबनराव लोणीकर ने आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और पुलिस अधीक्षक (SP) को भेजकर स्कूल प्रशासन के खिलाफ सख्त कार्रवाई और मामला दर्ज करने की मांग की थी, जिसके बाद एफआईआर दर्ज की गई है।

स्कूल प्रशासन ने आरोपों को खारिज किया

स्कूल प्रशासन ने आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। प्रधानाचार्य सिद्दीकी ने कहा कि कार्यक्रम के दौरान इस्तेमाल गीत तुर्किये के लोकप्रिय टीवी धारावाहिक ‘एर्तुग़रुल गाज़ी’ का था और उसका किसी पाकिस्तानी गीत से कोई संबंध नहीं है। सिद्दीकी ने पत्रकारों से कहा, ‘‘ प्रस्तुति के दौरान दिखाई गई तस्वीर ‘एर्तुग़रुल गाज़ी’ धारावाहिक के एक अभिनेता की थी। कुछ लोगों ने इससे छेड़छाड़ कर इसे गलत तरीके से सोशल मीडिया पर प्रसारित किया।’’ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले के सभी पहलुओं का पता लगाने के लिए जांच जारी है।

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