लंदन : भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने लॉर्ड्स में इंग्लैंड पर 270 रन की ऐतिहासिक जीत के बाद उम्मीद जताई कि भविष्य में महिला टीम को और अधिक टेस्ट मैच खेलने का अवसर मिलेगा। भारत ने ‘क्रिकेट के मक्का’ कहे जाने वाले लॉर्ड्स में खेले गए पहले महिला टेस्ट को यादगार बनाते हुए इंग्लैंड को एकतरफा अंदाज में पराजित किया। हरमनप्रीत ने मैच के बाद पुरस्कार समारोह में कहा, ‘ईश्वर सबसे अच्छे लेखक हैं और उन्होंने इस कहानी को बेहद खूबसूरती से लिखा है। लॉर्ड्स में खेलना हमेशा विशेष होता है। मैं उन सभी का धन्यवाद करना चाहती हूं, जिन्होंने इस मैदान पर महिला टेस्ट आयोजित करने के बारे में सोचा।’ उन्होंने कहा, ‘उम्मीद है कि हमें यहां और मैच खेलने का मौका मिलेगा।
आशा है कि हम 10 और टेस्ट खेलेंगे और इसी तरह अच्छा प्रदर्शन करते रहेंगे।’ हरमनप्रीत ने विकेटकीपर बल्लेबाज यास्तिका भाटिया के शतक की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस टीम की सबसे मजबूत कड़ी एकजुटता है। उन्होंने कहा, ‘इसीलिए हमने उन्हें एकादश में रखा था। उन्होंने जिस तरह बल्लेबाजी की, उससे मैं बेहद खुश हूं। हमारे सलामी बल्लेबाज इस टीम की सबसे बड़ी ताकत रहे हैं। मैच के पहले चरण में उनकी बल्लेबाजी देखना शानदार था।’ उन्होंने कहा, ‘पूरी टीम ने शानदार क्षेत्ररक्षण किया। सभी खिलाड़ियों ने एकजुट होकर टीम के लिए अपना योगदान दिया।’ हरमनप्रीत ने मुख्य कोच अमोल मजूमदार और सहयोगी स्टाफ की सराहना करते हुए कहा कि कठिन दौर में भी उन्होंने खिलाड़ियों का मनोबल ऊंचा बनाए रखा।
उन्होंने कहा, ‘टीम के सहयोगी स्टाफ को इस प्रारूप का काफी क्रिकेट खेलने का अनुभव है। उन्हें परिस्थितियों की अच्छी समझ है और वे हर पल हमें जरूरी सुझाव देते रहे।’ भारत ने यह टेस्ट मैच T-20 विश्व कप के नॉकआउट चरण में जगह बनाने में विफल रहने के बाद खेला था। हरमनप्रीत ने कहा, ‘मैं अमोल सर और पूरे सहयोगी स्टाफ का धन्यवाद करना चाहती हूं। पिछली कुछ श्रृंखलाएं हमारे पक्ष में नहीं रहीं, लेकिन जिस तरह हमने वापसी की, वह सराहनीय है।’ मैच की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी रहीं क्रांति गौड़ ने पहली पारी में पांच समेत मैच में कुल सात विकेट लिए। उन्होंने कहा कि लॉर्ड्स की ‘ऑनर्स बोर्ड’ पर अपना नाम दर्ज कराना उनके लिए सपने के सच होने जैसा है। उन्होंने कहा, ‘बचपन में कभी नहीं सोचा था कि ऐसा दिन आएगा। लेकिन इस टेस्ट की शुरुआत से ही मैंने तय कर लिया था कि मुझे अपना नाम ‘ऑनर्स बोर्ड’ पर दर्ज कराना है।’
क्रांति ने कहा, ‘मुझे और मेरे परिवार को इस उपलब्धि पर बेहद गर्व है। मैं अपने सभी कोच, सीनियर खिलाड़ियों और उन सभी लोगों का आभार व्यक्त करती हूं जिन्होंने इस सफर में मेरा साथ दिया।’ उन्होंने मुस्कराते हुए कहा, ‘मैंने घर पर एक छोटा-सा संग्रहालय बनाया है और इस मैच का स्टंप हमेशा वहीं सहेजकर रखूंगी।’ इंग्लैंड की कप्तान नैट स्काइवर-ब्रंट ने स्वीकार किया कि उनकी टीम मैच की परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढालने और बड़ी साझेदारियां बनाने में विफल रही। उन्होंने कहा, ‘पहले दिन हम परिस्थितियों के अनुसार नहीं खेल सके। बल्लेबाजी में भी बड़ी साझेदारियां नहीं बन सकीं। हालांकि खिलाड़ियों ने जुझारूपन दिखाया। लॉर्ड्स पर पहला महिला टेस्ट खेलना शानदार अनुभव रहा।’ उन्होंने कहा, ‘टॉस के फैसले से मैं संतुष्ट हूं, लेकिन हमें अभ्यास के लिए कुछ और दिन मिल जाते तो अच्छा रहता। हालांकि एक पेशेवर क्रिकेटर के तौर पर आपको प्रारूप बदलने और हर परिस्थिति के लिए तैयार रहना होता है।’