वाडा ने आईसीसी को टियर1 में रखा 
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वाडा ने आईसीसी को टियर1 में रखा, भारत की सबसे कड़ी जांच

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद को अपनी प्राथमिकता नीति के तहत पहली श्रेणी में शामिल कर दिया है

Rajesh Nain

नयी दिल्ली : विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) ने क्रिकेट को ओलंपिक में शामिल किए जाने के मद्देनजर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) को अपनी प्राथमिकता नीति के तहत पहली श्रेणी में शामिल कर दिया है, जबकि भारत उन शीर्ष देशों में बना हुआ है जिन्हें संस्था के निगरानी कार्यक्रम में सबसे कड़ी जांच का सामना करना पड़ता है। आईसीसी अब तक टियर2 पर थी, लेकिन अब उसे टियर1 में रख दिया गया है जिसमें खिलाड़ियों को अधिक कड़ी जांच से गुजरना पड़ता है। यह व्यवस्था अगले वर्ष एक जनवरी से लागू होगी। वाडा ने कहा, ‘खेलों के वर्गीकरण का आधार यह है कि क्या खेल ओलंपिक या पैरालंपिक कार्यक्रमों में शामिल हैं।’क्रिकेट 100 से अधिक वर्षों के बाद 2028 में लॉस एंजिलिस ओलंपिक खेलों में वापसी करेगा। इस स्तरीय प्रणाली का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वाडा के संसाधनों का उपयोग उन देशों और खेलों में डोपिंग के जोखिम का सामना करने के लिए किया जा सके जहां धोखाधड़ी का जोखिम और प्रभाव सबसे अधिक माना जाता है। वाडा के 38 सदस्यीय शीर्ष स्तर में अन्य प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संघों में विश्व बैडमिंटन महासंघ, अंतरराष्ट्रीय साइकिलिंग संघ, अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल महासंघ, अंतरराष्ट्रीय जिम्नास्टिक महासंघ, अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ, अंतरराष्ट्रीय पैरालंपिक समिति, अंतरराष्ट्रीय टेनिस महासंघ, वर्ल्ड बॉक्सिंग और विश्व एथलेटिक्स शामिल हैं।ओलंपिक खेलों में स्क्वाश को शामिल किए जाने के कारण विश्व स्क्वाश महासंघ को भी टियर3 से टियर1 में रखा गया है। इस बीच डोपिंग के अधिक मामले पाए जाने के कारण भारत पिछले तीन वर्षों से शीर्ष श्रेणी में बना हुआ है। इस श्रेणी में कुल 50 देश शामिल हैं जिनमें अमेरिका और चीन भी हैं। वाडा हर दो साल में स्तर (टियर) को अपडेट करेगा और इससे जुड़े देशों और खेल संघों को उनकी स्थिति में बदलाव होने पर कम से कम 2 महीने का नोटिस मिलेगा।

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