चेन्नै : भारत की वैष्णवी अडकर और ऋतुजा भोसले को WTA 250 चेन्नई ओपन के महिला युगल फाइनल में रविवार को यहां हार का सामना करना पड़ा। स्विट्जरलैंड की सिमोना वाल्टर और नाइमा करामोको की जोड़ी ने एकतरफा खिताबी मुकाबले में भारतीय जोड़ी को 6-2, 6-0 से शिकस्त दी। इस हार के बावजूद वैष्णवी और ऋतुजा ने भारतीय महिला टेनिस में नया इतिहास रच दिया। वे WTA टूर स्तर के युगल फाइनल में पहुंचने वाली पहली पूर्ण भारतीय जोड़ी बनीं।
खिताबी मुकाबले में भारतीय जोड़ी स्विट्जरलैंड की खिलाड़ियों की आक्रामकता और बेहतरीन तालमेल का मुकाबला नहीं कर सकी। करामोको ने नेट पर शानदार खेल दिखाते हुए भारतीय खिलाड़ियों को लगातार दबाव में रखा, जबकि वाल्टर ने बेसलाइन से दमदार शॉट लगाकर उनका अच्छा साथ दिया।
भारतीय जोड़ी की राह उसकी कई सहज गलतियों और अहम मौकों को भुनाने में नाकामी ने भी मुश्किल बना दी। वाल्टर और करामोको जोड़ी ने मुकाबले की शुरुआत से ही आक्रामक तेवर अपनाये। वाल्टर ने बेसलाइन से खासकर बैकहैंड पर शानदार शॉट लगाए, वहीं करामोको ने नेट पर अपनी फुर्ती और सटीक शॉट से भारतीय खिलाड़ियों को परेशान किया।
वाल्टर के फोरहैंड विनर से स्विस जोड़ी को पहली बार ब्रेक प्वाइंट मिला। इसके बाद ऋतुजा का रिटर्न बेसलाइन के बाहर चला गया और भारतीय जोड़ी की सर्विस टूट गयी। स्विट्जरलैंड की खिलाड़ियों ने भारतीय जोड़ी पर दबाव बनाये रखा। करामोको ने अपनी सर्विस बचाकर टीम को 3-0 की बढ़त दिलायी।
भारतीय जोड़ी ने पांचवें गेम में वाल्टर की सर्विस तोड़कर खाता जरूर खोला, लेकिन इसके बाद स्विस खिलाड़ियों ने कोई मौका नहीं दिया। करामोको नेट पर लगातार हावी रहीं और वाल्टर ने गलतियां करने से बचते हुए पहला सेट 6-2 से अपने नाम कर लिया।