निशिन : भारतीय लेग स्पिनर रवि बिश्नोई के लिये एशियाई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्च करने का अनुभव नया नहीं है और उनका मानना है कि ट्रॉफी की बजाय पदक के साथ पोडियम पर खड़े होने का अनुभव कुछ अनोखा और शानदार होता है। बिश्नोई तीन साल पहले हांगझोउ में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय क्रिकेट टीम का भी हिस्सा थे। चीन की ही तरह भारतीय खिलाड़ी यहां भी होटल में रूके हैं।
अफगानिस्तान के खिलाफ क्वार्टर फाइनल मुकाबला बारिश में धुलने के बाद भारत को ऊंची रैंकिंग के कारण सेमीफाइनल में प्रवेश मिल गया। बिश्नोई ने कहा, ‘भारत के लिये क्रिकेट टूर्नामेंट या बहु खेल टूर्नामेंट में भाग लेने का अनुभव एक सा है। आप पदक जीते या ट्रॉफी, मायने समान हैं। लेकिन यहां आप BCCI नहीं बल्कि भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं तो पोडियम पर खड़े होने का अहसास अलग है।
आपको ऐसे अधिक मौके नहीं मिलते और गले में पदक पहनकर खड़े होने का अहसास ही अलग है।’ भारतीय क्रिकेटर टोक्यो से नागोया बुलेट ट्रेन से आये और उन्होंने इस सफर का पूरा मजा लिया। बिश्नोई ने कहा, ‘हम जापान पहले नहीं आये थे तो बहुत अच्छा अनुभव रहा। हमने एक घंटे 13 मिनट में 400 किलोमीटर का सफर किया। इससे बेहतर क्या हो सकता है।’