गॉल : सोनल दिनुशा की शानदार शतकीय पारी ने भारतीय गेंदबाजों को थोड़ा संघर्ष करने पर मजबूर किया लेकिन मानव सुथार की अगुवाई में गेंदबाजी इकाई ने श्रीलंका को पहली पारी में 284 रन पर समेटकर दो मैचों की सीरीज के पहले टेस्ट के तीसरे दिन सोमवार को भारत को 178 रन की मजबूत बढ़त दिला दी। वामहस्त स्पिनर सुथार ने 76 रन देकर चार और अनुभवी रवींद्र जडेजा ने 57 रन देकर तीन विकेट झटके। भारत की धारदार गेंदबाजी के सामने श्रीलंका एक समय लंच से पहले 90 रन पर पांच विकेट गंवा कर बेहद मुश्किल में था। सुथार ने शुरुआती सत्र में श्रीलंका के शीर्ष क्रम को परेशान किया और उस समय मेजबान टीम के जल्दी सिमटने के आसार नजर आ रहे थे लेकिन अपना चौथा टेस्ट खेल रहे दिनुशा ने इस प्रारूप में पहला अंतरराष्ट्रीय शतक जड़ते हुए 168 गेंदों पर 100 रन की जुझारू पारी खेली।
उन्हें टीम में लंबे समय के बाद वापसी कर रहे अनुभवी निरोशन डिकवेला (80 रन, 115 गेंद) का अच्छा साथ मिला। दोनों ने छठे विकेट के लिए 216 गेंदों में 146 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की और भारतीय गेंदबाजों को लंबे समय तक सफलता से दूर रखा। इस जोड़ी ने दूसरे सत्र में बिना कोई विकेट गंवाए 116 रन जोड़े। शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों के विपरीत डिकवेला और दिनुशा ने जल्दबाजी नहीं की और बल्लेबाजी के लिए अनुकूल पिच पर शॉट चयन में खासा संयम दिखाया। भारतीय स्पिनरों के खिलाफ दोनों ने स्वीप शॉट का प्रभावी इस्तेमाल किया और स्टंप की लाइन में आने वाली गेंदों को सहजता से बाउंड्री के पार भेजा। स्थानीय क्रिकेट हलकों में अपने चयन को लेकर विवादों में रहे डिकवेला ने 67 गेंदों में अर्द्धशतक पूरा किया। सुथार की गेंद पर 20 रन के निजी स्कोर पर केएल राहुल द्वारा स्लिप में जीवनदान पाने वाले इस विकेटकीपर बल्लेबाज ने अंतिम सत्र में एकाग्रता गंवा दी।
प्रसिद्ध कृष्णा की गेंद पर उनके बल्ले का किनारा लगा और ऋषभ पंत ने विकेट के पीछे कैच लपक लिया। जडेजा ने इसके तुरंत बाद केशरा नुवंता को गिल के हाथों कैच कराकर टेस्ट में अपने 350 विकेट पूरे किये। वह टेस्ट क्रिकेट में 4000 से अधिक रन और 350 विकेट लेने वाले चौथे और महान कपिल देव के बाद भारत के सिर्फ दूसरे हरफनमौला है। दिनुशा ने इसके कुछ देर बाद 167 गेंदों पर अपना शतक पूरा किया, लेकिन अगली ही गेंद पर जडेजा ने उन्हें पगबाधा आउट कर दिया। इससे पहले भारत में सुबह नौ विकेट पर 460 रन से अपनी पहली पारी आगे बढ़ाई, लेकिन केवल चार गेंद के अंदर उसने कृष्णा के रूप में अपना आखिरी विकेट गंवा दिया। भारत ने इस बीच अपने स्कोर में दो रन जोड़े। श्रीलंका को ठोस शुरुआत की जरूरत थी लेकिन तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने पारी की दूसरी ही गेंद पर ही उसे पहला झटका दे दिया।
अभ्यास मैच में श्रीलंका एकादश की तरफ से अच्छा प्रदर्शन करने वाले निशान फर्नांडो (00) सिराज की स्विंग लेकर बाहर की ओर जाती गेंद को नहीं समझ पाए और उन्होंने पहली स्लिप में खड़े देवदत्त पडिक्कल को कैच दे दिया। इससे श्रीलंका की टीम दबाव में आ गई जिसका भारतीय स्पिनरों ने पूरा फायदा उठाया। सुथार ने अपनी शानदार फ्लाइट, डिप और टर्न से बल्लेबाजों को खासा परेशान किया। उन्होंने अपनी पहली ही गेंद पर कमाल दिखाया जब उनकी गेंद अनुभवी दिनेश चांदीमल (04) के बल्ले का हल्का सा किनारा लेकर पंत के दस्तानों में चली गई। टेस्ट क्रिकेट में 50 से अधिक का औसत रखने वाले दो बल्लेबाज लाहिरू उदरा (27) और कामिंदु मेंडिस (14) सहज नजर आ रहे थे। मेंडिस ने तो कृष्णा पर पुल शॉट से छक्का भी जड़ा। उदरा ने भी सुथार की गेंदों पर कुछ चौके जड़े। लेकिन सुथार ने तेजी से टर्न लेती गेंद पर उदरा को गली में खड़े यशस्वी जायसवाल के हाथों कैच करा दिया। मेंडिस खुद को थोड़ा बदकिस्मत मानेंगे क्योंकि कुलदीप यादव की गेंद पर लगाये उनके ऊंचे शॉट को गिल ने डाइव लगाकर कैच में बदल दिया। इसके बाद जडेजा ने श्रीलंका के कप्तान धनंजय डिसिल्वा (21) को पवेलियन का रास्ता दिखाया। धनंजय ने स्लिप में खड़े राहुल को कैच दिया।