नयी दिल्ली : भारतीय पुरुष युगल टीम सात्विक साइराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने इंडिया ओपन सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट से पहले सोमवार को कहा कि एक खिताब उन्हें जीत की राह पर लौटा सकता है । हांगकांग ओपन और चाइना मास्टर्स में उपविजेता रहने , विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने और विश्व टूर फाइनल्स के नॉकआउट चरण के लिये क्वालीफाई करने के बावजूद चिराग ने स्वीकार किया कि इस सत्र में वे अपेक्षा के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर सके।
चिराग ने कहा, ‘बाहर से भले ही ऐसा लगे कि यह सर्वश्रेष्ठ साल नहीं रहा क्योंकि हम एक भी खिताब नहीं जीत सके। हमने अपने लिये इतने ऊंचे मानदंड कायम किये हैं कि खिताब से नीचे कुछ भी कम ही लगता है।’ पिछले कुछ साल से हर सत्र में कम से कम एक खिताब जीत रही इस जोड़ी को शारीरिक और निजी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। चिराग ने कहा, ‘हमने काफी कठिन समय देखा, शारीरिक और निजी तौर पर। मैं कमर की चोट से जूझ रहा था और मुझे पता नहीं था कि इससे उबरने में कितना समय लगेगा।
मैने कोर्ट पर वापसी की पूरी कोशिश की लेकिन अपेक्षा से अधिक समय लग गया।’ उन्होंने कहा, ‘ मैं विश्व रैंकिंग में 27वें नंबर पर खिसक गया लेकिन साल के आखिर में तीसरे स्थान पर रहा।’ इंडिया ओपन में पिछले चार सत्र में से दो बार फाइनल में पहुंचने वाली यह जोड़ी 2022 में विजेता रही थी। सात्विक ने कहा, ‘ खिताब जीतने से बहुत कुछ बदल जाता है। जीत मायने रखती है, चाहे छोटी हो या बड़ी । इस टूर्नामेंट से काफी आत्मविश्वास बढा। हम एक जीत की तलाश में हैं जिससे आत्मविश्वास लौटे और हम चिर परिचित खेल दिखा सकें।’