मुल्लांपुर : भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि साई सुदर्शन को टेस्ट क्रिकेट में तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने के पर्याप्त मौके दिए जाएंगे। क्योंकि बाएं हाथ के इस बल्लेबाज के छह मैच में निराशाजनक प्रदर्शन से उनकी क्षमता का आकलन नहीं किया जा सकता है। सुदर्शन ने अब तक खेले गए छह टेस्ट मैचों में 27.45 के औसत से कुल 302 रन बनाए हैं। मुख्य कोच ने कहा कि उन्हें देवदत्त पडिक्कल पर तरजीह दी जाएगी, जो इस स्थान के लिए एक अन्य दावेदार हैं। पडिक्कल ने पर्थ में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2024 में टेस्ट मैच के बाद से लंबी अवधि के प्रारूप में भारत का प्रतिनिधित्व नहीं किया है।
गंभीर ने कहा कि सुदर्शन को इंग्लैंड में तेज गेंदबाजों के लिए अनुकूल परिस्थितियों में खेलना पड़ा और इसे देखते हुए उन्हें बाहर करना अनुचित होगा। गंभीर ने अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच से पहले पत्रकारों से कहा, ‘सच कहूं तो साई को उचित मौका नहीं मिला है। उन्होंने बहुत कम टेस्ट मैच खेले हैं। उन्होंने अपने टेस्ट करियर की शुरुआत इंग्लैंड में की। हम सभी जानते हैं कि इंग्लैंड में खेलना आसान नहीं है।’ उन्होंने कहा, ‘IPL में भी उनका प्रदर्शन शानदार रहा है (722 रन) और हम उन्हें उचित मौका देंगे। मुझे अब भी लगता है कि उन्हें पर्याप्त मौके नहीं मिले हैं।’
इसका मतलब है कि पडिक्कल को इंतजार करना होगा क्योंकि फिटनेस संबंधी कोई समस्या न होने पर सुदर्शन कम से कम अगले 10 टेस्ट मैच खेलेंगे। गंभीर से पूछा गया कि क्या पडिक्कल के टीम में जगह बनाने की कोई संभावना है, उन्होंने कहा, ‘आप केवल 11 खिलाड़ियों का चयन कर सकते हैं। कभी-कभी आपको (देवदत्त) मौके के लिए इंतजार करना पड़ता है।’ पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज ने कहा कि मजबूत टीम बनाने के लिए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को लंबा मौका देना जरूरी है। उन्होंने कहा, ‘साईं खराब फॉर्म में नहीं हैं। उन्होंने IPL में 700 से अधिक रन बनाए हैं।
अगर हम साईं का आकलन चार पांच मैचों के आधार पर करेंगे तो फिर कोई ठोस राय नहीं बना पाएंगे।’ गंभीर ने कहा, ‘जब भी पडिक्कल का समय आएगा, हम उन्हें भी उचित मौका देंगे। यह किसी एक को पांच टेस्ट मैच और दूसरे को एक टेस्ट मैच में उतारने की बात नहीं है। अगर हम किसी एक को पर्याप्त मौका देते हैं, तो जब भी दूसरे को मौका मिलेगा हम उसे भी पर्याप्त मौके देंगे। लेकिन अभी मुझे लगता है कि हमें साई को उचित मौका देना चाहिए क्योंकि वह भी विश्वस्तरीय खिलाड़ी हैं।’ गंभीर ने इस बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी कि मानव सुथार और हर्ष दुबे में से किसे शनिवार को टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण का मौका मिलेगा।
लेकिन यह स्पष्ट है कि जिसे भी मौका मिलेगा वह श्रीलंका के दौरे में रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव और वाशिंगटन सुंदर के साथ चौथा स्पिनर होगा। उन्होंने कहा, ‘मानव और हर्ष कुछ हद तक एक जैसे खिलाड़ी हैं, लेकिन उनके गेंद फेंकने के तरीके में कुछ अंतर भी हैं। इस मैच से हमें अपना चौथा स्पिनर तैयार करने में मदद मिलेगी क्योंकि हम श्रीलंका में चार स्पिनर लेकर जाएंगे।’ उन्होंने कहा, ‘इसलिए यह किसी ऐसे खिलाड़ी को आजमाने का एक आदर्श अवसर है जो लंबे समय तक चौथे स्पिनर के रूप में भी काम आ सकता है।’
टेस्ट उप-कप्तान के पद से ऋषभ पंत को हटाए जाने के संदर्भ में गंभीर ने कहा कि इस बल्लेबाज को उनका समर्थन हासिल है, लेकिन उन्हें खेल की स्थिति को बेहतर ढंग से समझने की जरूरत है। भारतीय कोच ने कहा, ‘हम ऋषभ पंत की खेल की शैली में बदलाव नहीं चाहते, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में खिलाड़ियों के लिए मैच की परिस्थितियों का सम्मान करना जरूरी होता है।’ उन्होंने कहा, ‘चाहे टेस्ट क्रिकेट हो, वनडे क्रिकेट हो या T-20 क्रिकेट। अंतिम लक्ष्य रन बनाना और विकेट लेना है। आप रन कैसे बनाते हैं, यह आप पर निर्भर करता है। लेकिन स्थिति और खेल को समझना बहुत महत्वपूर्ण है।’