नयी दिल्ली : सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की भारत की स्टार पुरुष युगल जोड़ी का मानना है कि मैच में किसी वैकल्पिक रणनीति पर निर्भर रहने के बजाय अपनी ताकत पर भरोसा रखना चाहिए और सामने वाले खिलाड़ी के खेल के मुताबिक जरूरी बदलाव करते रहना चाहिए। विश्व की पांचवें नंबर की इस भारतीय जोड़ी ने 2023 और 2025 में चीन मास्टर्स में उपविजेता रहने के बाद इस बार खिताब अपने नाम किया। सात्विक और चिराग ने कहा कि अलग-अलग प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ रणनीति में बदलाव जरूरी है, लेकिन अपनी मजबूतियों से समझौता नहीं किया जा सकता।
सात्विक ने सोमवार को ऑनलाइन बातचीत में कहा, 'हमारे लिए हमेशा एक ही रणनीति होती है, कोई दूसरी योजना नहीं। यह सब प्रतिद्वंद्वी पर निर्भर करता है। चीनी खिलाड़ी तेज गति से खेलना पसंद करते हैं। अगर आप मलेशियाई या इंडोनेशियाई खिलाड़ियों के खिलाफ खेल रहे हैं तो वे ज्यादा आक्रामक नहीं होते।' सात्विक और चिराग ने हाल की इस बड़ी जीत का श्रेय अपनी फिटनेस में आए सुधार को दिया। बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद दोनों ने अपनी शारीरिक स्थिति पर काफी काम किया, जिसका फायदा उन्हें चीन मास्टर्स में मिला।
भारतीय जोड़ी ने रविवार को फाइनल में चीन के हे जी टिंग और रेन शियांग यू को 11-21, 21-13, 21-17 से हराकर पहली बार चीन मास्टर्स का खिताब जीता। यह इस सत्र में उनका दूसरा बीडब्ल्यूएफ विश्व टूर खिताब भी है। सात्विक ने कहा, 'विश्व चैंपियनशिप के बाद हम शारीरिक तौर पर काफी बेहतर थे। मुख्य अंतर यही था।' चिराग ने कहा कि चीन में लगातार कड़े और लंबे मुकाबलों ने उन्हें फाइनल के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से तैयार करने में अहम भूमिका निभाई।
उन्होंने कहा, 'जब हमने चीन ओपन में पांच मैच खेले, तो पहले दौर को छोड़कर बाकी मुकाबलों में हमें तीन गेम तक खेलना पड़ा। यह हमारे लिए अच्छी तैयारी थी।' यह सात्विक और चिराग की बीडब्ल्यूएफ विश्व टूर में 10वीं खिताबी जीत है। चीन मास्टर्स की इस सफलता से दोनों का आत्मविश्वास काफी बढ़ा है और अब वे इसी महीने होने वाले एशियाई खेलों में अपने खिताब का बचाव करने के लिए तैयार हैं।