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मोहन बागान ने शिविर से अपने सात खिलाड़ी वापस बुलाए

इन सात खिलाड़ियों को कोच खालिद जमील ने चार देशों के इस टूर्नामेंट के लिए चुनी गई 28 सदस्यीय भारतीय टीम में शामिल किया था। ये रविवार को बेंगलुरू से लंदन के लिए रवाना होने वाले थे।

कोलकाता : लंदन में होने वाले यूनिटी कप के लिए भारत की तैयारियों को एक बड़ा झटका लगा है क्योंकि ISL की उपविजेता टीम मोहन बागान सुपर जायंट ने राष्ट्रीय शिविर से अपने सभी सात खिलाड़ियों को वापस बुलाने का फैसला किया है। क्लब ने इसके पीछे चोटों की पुरानी चिंताओं और फीफा अंतरराष्ट्रीय विंडो के बाहर महासंघ से किसी भी तरह के मुआवजे की कमी का हवाला दिया है। इन सात खिलाड़ियों को कोच खालिद जमील ने चार देशों के इस टूर्नामेंट के लिए चुनी गई 28 सदस्यीय भारतीय टीम में शामिल किया था। ये रविवार को बेंगलुरू से लंदन के लिए रवाना होने वाले थे। यह शिविर बेंगलुरू में ही चल रहा था। भारत 27 मई को जमैका से जबकि नाइजीरिया 26 मई को जिम्बाब्वे से भिड़ेगा।

इन मैचों के विजेता 30 मई को फाइनल खेलेंगे जबकि हारने वाली टीमें तीसरे स्थान के लिए प्लेऑफ मैच खेलेंगी। फीफा अंतरराष्ट्रीय मैच विंडो एक से नौ जून तक है। मोहन बागान के एक अधिकारी ने क्लब का रुख साफ करते हुए कहा कि खिलाड़ियों को आधिकारिक तौर पर तभी रिलीज किया जाएगा, जब एक जून से फीफा अंतरराष्ट्रीय विंडो शुरू होगी। अधिकारी ने कहा, ‘हमारा रुख बिल्कुल साफ है, खिलाड़ियों को तभी रिलीज़ किया जाएगा, जिस दिन से फीफा विंडो शुरू होगी।’ उन्होंने कहा, ‘हमने अपनी तरफ से खिलाड़ियों को रिलीज कर दिया है, लेकिन अगर वे उससे पहले अपनी मर्जी से यात्रा करते हैं और उन्हें कोई चोट लग जाती है तो हम उसकी कोई जिम्मेदारी नहीं लेंगे।’

अधिकारी ने कहा, ‘फीफा विंडो एक जून से शुरू होती है। उस तारीख से, अगर किसी खिलाड़ी को चोट लगती है तो फीफा मुआवजा देता है। लेकिन अगर किसी खिलाड़ी को उससे पहले चोट लगती है, तो कोई सुरक्षा नहीं मिलती।’ उन्होंने कहा, ‘इससे पहले, सुभाशीष बोस और आशिक कुरुनियन के मामलों में महासंघ ने हमें किसी भी तरह का मुआवजा नहीं दिया था।’ अधिकारी ने आगे कहा कि क्लब खिलाड़ियों को राष्ट्रीय टीम में शामिल होने से नहीं रोकेगा, लेकिन फीफा विंडो के बाहर होने वाले इस टूर्नामेंट के दौरान लगने वाली किसी भी चोट की वित्तीय जिम्मेदारी भी नहीं लेगा।

उन्होंने कहा, ‘हम खिलाड़ियों को नहीं रोक रहे हैं। वे यात्रा करते हैं या नहीं, यह उनका अपना फैसला है। लेकिन अगर वे एक जून से पहले चोटिल हो जाते हैं तो मोहन बागान उन्हें कुछ भी भुगतान नहीं करेगा।’ भारतीय टीम में शामिल मोहन बागान के सात खिलाड़ी फॉरवर्ड लिस्टन कोलाको और मनवीर सिंह, मिडफील्डर लालेंगमाविया राल्ते (अपुइया), सहल अब्दुल समद और अनिरुद्ध थापा, डिफेंडर अभिषेक सिंह और गोलकीपर विशाल कैथ हैं। यह टकराव एक बार फिर मोहन बागान और अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) के बीच राष्ट्रीय प्रतिबद्धता के दौरान खिलाड़ियों के कल्याण और चोट के प्रबंधन को लेकर बढ़ते तनाव को उजागर करता है।

क्लब ने अपने रुख को सही ठहराने के लिए कप्तान सुभाशीष बोस और मिडफील्डर आशिक कुरुनियान से जुड़े पिछले विवादों का हवाला दिया। पिछले साल, बोस की चोट ने मोहन बागान और AIFF के बीच इस बात पर विवाद खड़ा कर दिया था कि खिलाड़ी को चोट कब और कहां लगी थी। क्लब ने आरोप लगाया था कि उनके कप्तान को भारत के AFC एशियाई कप क्वालीफायर मैच के दौरान बांग्लादेश के खिलाफ राष्ट्रीय प्रतिबद्धता के दौरान जांघ और कमर के जोड़ में गंभीर चोट लगी थी। लेकिन AIFF ने इस दावे को खारिज कर दिया था और कहा था कि बोस को असल में मोहन बागान के लिए ISL फाइनल के दौरान चोट लगी थी।

महासंघ ने क्लब पर आरोप लगाया था कि उसने इस मुद्दे की ठीक से रिपोर्ट नहीं की और न ही खिलाड़ी के आराम करते समय उसके ‘रिहैबिलिटेशन’ की शुरुआत की। 2023 में एशियाई खेलों से पहले भी इसी तरह का एक विवाद खड़ा हुआ था, जब मिडफील्डर आशिक कुरुनियान को चोट लग गई थी। इसके बाद मोहन बागान ने फीफा विंडो के बाहर होने वाले गैर-अनिवार्य राष्ट्रीय मैचों के लिए खिलाड़ियों को भेजने का कड़ा विरोध किया था। हाल में ISL चैंपियन बनी ईस्ट बंगाल टीम के दो खिलाड़ी जैक्सन सिंह और डिफेंडर अनवर अली इस टीम में शामिल हैं। अली चोटिल हैं, लेकिन अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि जैक्सन यूनिटी कप में खेलने के लिए जाएंगे या नहीं।

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