नयी दिल्ली : भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) देश के अधिकांश हिस्सों में मई में पड़ने वाली भीषण गर्मी से बचने के लिए इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) को अगले साल से 10 मार्च से 15 मई तक आयोजित करने पर विचार कर रहा है। बोर्ड के सचिव देवजीत सैकिया ने यह जानकारी दी। उन्होंने हालांकि स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यस्त कार्यक्रम को देखते हुए मैचों की संख्या 74 ही रहेगी और इसे बढ़ाकर 94 नहीं किया जाएगा। IPL आमतौर पर मार्च के आखिरी सप्ताह में शुरू होता है और मई के अंत तक चलता है। सैकिया ने कहा कि IPL को जल्दी शुरू करने से खिलाड़ी ही नहीं दर्शकों को भी फायदा होगा।’
उन्होंने कहा, ‘इस साल आईपीएल 29 (28) मार्च को शुरू हुआ और 31 मई तक चला। हम इस पर चर्चा कर रहे हैं कि कि 15 मई के बाद टूर्नामेंट के अंतिम चरण में बारिश या मानसून से पहले के मौसम से व्यवधान पड़ने की आशंका बनी रहती है।’ सैकिया ने कहा, ‘इसके अलावा तब तक मौसम काफी गर्म हो जाता है जो न तो खिलाड़ियों के लिए और ना ही दर्शकों के लिए बहुत अनुकूल है।’ बोर्ड के सचिव ने कहा कि मई के अंतिम पखवाड़े में बढ़ते तापमान से निपटने के लिए टूर्नामेंट को दो सप्ताह पहले शुरू करने पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘BCCI के साथ-साथ हमारी IPL संचालन परिषद में भी इस बात पर चर्चा चल रही है कि क्या हम टूर्नामेंट को मार्च के आखिर के बजाय थोड़ा पहले शुरू कर सकते हैं।’
सैकिया ने कहा, ‘अगले साल से हम इसे जल्दी शुरू करने का प्रयास करेंगे। मैंने अपने महाप्रबंधक (खेल विकास) (पूर्व तेज गेंदबाज एबी कुरुविला) को निर्देश दे दिया है कि वह ऐसा कार्यक्रम तैयार करें जिससे हम 10 मार्च तक टूर्नामेंट शुरू करके 15 मई तक समाप्त कर सकें।’ सैकिया ने कहा कि उन्हें IPL मैचों के दौरान भारत के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों में गर्मी को लेकर खिलाड़ियों के साथ-साथ प्रशंसकों से भी शिकायतें मिली हैं। उन्होंने कहा, ‘मुझे प्रशंसकों के साथ-साथ खिलाड़ियों से भी बहुत सारी शिकायतें सुनने को मिल रही हैं, क्योंकि सभी खिलाड़ी इतनी गर्म परिस्थितियों में खेलने के आदी नहीं हैं।’ सैकिया ने कहा, ‘इसलिए हम इसे 15 मई तक समाप्त करना चाहते हैं। यह अब हमारा पहला लक्ष्य है।’ सैकिया ने इसके साथ कहा कि मैचों की संख्या बढ़ाना संभव नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘फिलहाल यह संभव नहीं है क्योंकि हमें विभिन्न देशों से आने वाले खिलाड़ियों से संबंधित कई अन्य मामलों पर विचार करना होगा। बड़ी मुश्किलों के बाद हमें यह दो महीने की अवधि मिली है।’ सैकिया ने कहा, ‘दो महीने से आगे बढ़ाना बहुत मुश्किल होगा क्योंकि अन्य देशों को भी द्विपक्षीय मैच खेलने होते हैं। इसलिए इस समय मैचों की संख्या 74 से बढ़ाकर 94 करने के बारे में किसी तरह की चर्चा नहीं हो रही है।’ उन्होंने कहा, ‘आने वाले वर्षों में स्थिति क्या होगी यह मैं नहीं जानता, लेकिन फिलहाल मुझे मैचों की संख्या 74 से बढ़ाकर 94 करने की कोई संभावना नजर नहीं आती, क्योंकि इसके लिए न केवल भारत, बल्कि ICC के अन्य क्रिकेट खेलने वाले देशों, विशेष रूप से ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज के खिलाड़ियों के हितों को भी ध्यान में रखना होगा।’