नयी दिल्ली : खेल मंत्री मनसुख मांडविया और भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) की अध्यक्ष पी टी उषा ने बुधवार को घोषणा की कि 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए भारत की दावेदारी ‘राइजिंग टुगेदर’ (साथ मिलकर आगे बढ़ना) के विजन पर आधारित होगी और देश इस महीने के अंत में अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) के भविष्य मेजबान आयोग के सामने अपनी दावेदारी की पहली प्रस्तुति देगा। IOC ने मंगलवार को कहा था कि भारत, जर्मनी, कतर और तुर्किये समेत सात देशों ने 2036 ओलंपिक की मेजबानी में दिलचस्पी जताई है इसलिए इन देशों को अगले महीने IOC के भविष्य मेजबान आयोग के सामने अपने खेलों से जुड़े प्रस्ताव पेश करने के लिए आमंत्रित किया गया है।
IOA की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में मांडविया ने कहा, ‘2036 के लिए भारत की महत्वाकांक्षा एक सरल विचार पर आधारित है कि खेल हमारे देश के भविष्य को आकार देने में मदद कर सकते हैं। ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों की मेजबानी से लाखों युवा भारतीय खेलों से जुड़ने के लिए प्रेरित होंगे, स्वस्थ और सक्रिय समुदाय मजबूत होंगे तथा शिक्षा, रोजगार और सामाजिक विकास के क्षेत्र में युवाओं के लिए नए अवसर पैदा होंगे।’ अहमदाबाद ओलंपिक की मेजबानी के लिए भारत का पसंदीदा का शहर है। भारत में अब तक ओलंपिक का आयोजन नहीं हुआ है। भारत ने 2024 में खेलों की मेजबानी के लिए अपना दिलचस्पी पत्र (एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट) IOC को सौंपा था।
उषा ने कहा कि IOA भारत की ओलंपिक मेजबानी की आकांक्षाओं को IOC की ओर से मिली मान्यता से बेहद सम्मानित महसूस कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘हमें भविष्य के खेलों के संभावित मेजबानों के एक असाधारण समूह का हिस्सा होने पर गर्व है।’ उषा ने कहा, ‘हमारे लिए ‘राइजिंग टुगेदर’ महज एक नारा नहीं है बल्कि भारत की ऊर्जा, महत्वाकांक्षा और विविधता को एक साझा ओलंपिक सपने के पीछे एकजुट करने की मजबूत प्रतिबद्धता है।’ उन्होंने कहा, ‘2036 के लिए विजन (परिकल्पना) तैयार करते समय भारत ऐसे खेलों की मेजबानी करना चाहता है जो एक युवा, गतिशील और उभरते भारत के आत्मविश्वास को दर्शाएं।
साथ ही, यह ओलंपिक और पैरालंपिक आंदोलनों की नई पीढ़ियों, नए समुदायों और दुनिया भर में नए क्षितिज तक पहुंचने की महत्वाकांक्षा में योगदान दे।’ उषा ने कहा, ‘हम IOC के साथ संवाद जारी रखने और अक्टूबर के अंत में पहली बार आयोग के सामने अपनी महत्वाकांक्षा पेश करने को लेकर उत्साहित हैं।’ IOC ने कहा कि दावेदार देशों की परियोजनाओं का आकलन कई तकनीकी पहलुओं के आधार पर किया जाएगा। इनमें आयोजन स्थलों की मास्टर प्लानिंग, खिलाड़ियों का अनुभव, वित्त पोषण की रणनीति, राजनीतिक और जनसमर्थन, खेलों के आयोजन की क्षमता तथा मेजबान शहरों और समुदायों के लिए दीर्घकालिक लाभ सुनिश्चित करने की योजना शामिल हैं।