शंघाई : भारत का तीरंदाजी विश्व कप के दूसरे चरण में गुरुवार को प्रदर्शन मिला जुला रहा जब महिला रिकर्व टीम ने रिकॉर्ड दस बार की ओलंपिक चैंपियन दक्षिण कोरिया को सेमीफाइनल में हराकर पहला पदक पक्का किया लेकिन पुरुष टीम पहले दौर में बांग्लादेश से हार गई। मिश्रित टीम वर्ग में भारत की चुनौती समाप्त हो गई जब धीरज बोम्मादेवरा और अंकिता भकत दूसरे दौर में ब्राजील से शूट ऑफ में 4-5 से हार गए। महिला टीम की सदस्यों दीपिका कुमारी, अंकिता भकत और कुमकुम मोहोद ने सेमीफाइनल में कोरिया को 5-1 से मात दी।
अब उसका सामना स्वर्ण पदक के मुकाबले में रविवार को चीन से होगा। पुरुष रिकर्व टीम में तरुणदीप रॉय, धीरज बोम्मादेवरा और यशदीप भोगे थे जिन्हें बांग्लादेश ने 6-2 से मात दी। भारतीय महिला टीम ने लगातार तीन मैच जीतकर फाइनल में प्रवेश किया। चौथी वरीयता प्राप्त भारतीय टीम ने छह तीरों में से चार पर 10 स्कोर किया और सिर्फ दो अंक गंवाकर पहला सेट 58-55 से जीता। दूसरे सेट में मुकाबला 56-56 से बराबर रहा लेकिन भारत ने 3-1 की बढ़त बना ली।
मैच जीतने के लिये अब सिर्फ दो अंक की जरूरत थी और अगला सेट भारत ने 58-56 से अपने नाम किया। लेकिन कोरिया ने यहां अनुभवहीन टीम भेजी है क्योंकि उसका फोकस चार महीने बाद जापान में होने वाले एशियाई खेलों पर है। कोरियाई टीम में दो नये चेहरे ली युंजी और ओ येजिन थे जबकि मौजूदा विश्व चैंपियन कांग चाएयंग एकमात्र अनुभवी तीरंदाज थी। इससे पहले भारतीय महिला टीम ने उजबेकिस्तान को पहले दौर में 6-2 (53-56, 57-54, 55-54, 55-51) से हराया।
क्वार्टर फाइनल में तनावपूर्ण शूटआफ में वियतनाम पर 5-4 से जीत दर्ज की। पुरुष टीम का प्रदर्शन निराशाजनक रहा जिसने पहला सेट 52-55 से गंवाया। दूसरे सेट में बांग्लादेश ने उसे 54-54 से बराबरी पर रोका। तीसरे सेट में दोनों टीमों का स्कोर 53 रहा। बांग्लादेश की तिकड़ी अब्दुर रहमान आलिफ, राम कृष्ण साहा और मोहम्मद मिशाद प्रधान ने चौथा सेट 57-53 से जीता।