खेल

भारतीय पुरुष और महिला स्क्वाॅश टीम क्वार्टर फाइनल में

भारत की शीर्ष खिलाड़ी अनाहत सिंह को विश्व की छठे नंबर की खिलाड़ी सातोमी वातानबे के खिलाफ पांच गेम तक चले मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा।

Deepak Ram

नागोया : भारतीय पुरुष और महिला टीम ने सोमवार को एशियाई खेलों की स्क्वाॅश प्रतियोगिता के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। तीसरी वरीय भारतीय महिला टीम ने जापान को बेहद कड़े मुकाबले में 2-1 से हराया। भारत की शीर्ष खिलाड़ी अनाहत सिंह को विश्व की छठे नंबर की खिलाड़ी सातोमी वातानबे के खिलाफ पांच गेम तक चले मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। विश्व रैंकिंग में 17वें स्थान पर काबिज अनाहत ने इससे पहले व्यक्तिगत स्पर्धा के सेमीफाइनल में सातोमी को हराया था और बाद में ऐतिहासिक रजत पदक अपने नाम किया। पिछले चरण की कांस्य पदक विजेता भारतीय महिला टीम ने अपने शुरुआती मुकाबले में चीन को 3-0 से हराया था।

अनुभवी जोशना चिनप्पा ने रिकॉर्ड 7वें एशियाई खेलों में हिस्सा लेते हुए भारत को जापान के खिलाफ 1-0 की बढ़त दिलाई। उन्होंने एरिसा सानो को 11-1, 11-8, 11-9 से हराया। इसके बाद अनाहत का सामना तीन दिन में दूसरी बार सातोमी से हुआ। इस बार जापानी खिलाड़ी ने भारतीय खिलाड़ी को 43 मिनट में 11-8, 8-11, 7-11, 11-8, 11-9 से हराकर जीत दर्ज की। निर्णायक मुकाबले में तन्वी खन्ना को अकारी मिदोरिकावा के खिलाफ कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा। तन्वी ने 12-10, 11-9, 4-11, 12-10 से जीत दर्ज कर भारत को मुकाबले में 2-1 से जीत दिलाई और क्वार्टर फाइनल में स्थान पक्का किया।

गत चैंपियन भारतीय पुरुष टीम ने दक्षिण कोरिया को 3-0 से हराकर अंतिम आठ में प्रवेश किया। शुरुआती एकल मुकाबले में वेलावन सेंथिलकुमार ने जूयंग ना को 11-6, 11-4, 11-7 से हराया। इसके बाद एकल स्पर्धा के रजत पदक विजेता अभय सिंह ने जियोंगमिन रयु को 11-4, 11-7, 11-1 से आसानी से हराकर भारत को मुकाबले में निर्णायक बढ़त दिलाई। इससे पहले भारतीय पुरुष टीम ने अपने अभियान की शानदार शुरुआत करते हुए पूल ए में चीन को 3-0 से हराया जबकि महिला टीम ने शुरुआती झटके से उबरते हुए पूल सी के मुकाबले में चीन को 2-1 से मात दी। पुरुष टीम को अधिक परेशानी नहीं हुई।

सूरज चंद, वीर चोटरानी और सेंथिलकुमार ने अपने-अपने मुकाबले आसानी से जीतकर भारत को लगातार जीत दिलाई। सूरज ने 30 मिनट में डू शाओचियान को 11-4, 11-3, 12-10 से हराकर भारत को बढ़त दिलाई। शुरुआती दो गेम आसानी से जीतने के बाद तीसरे गेम में उन्हें कड़ी चुनौती मिली। डू ने गेम प्वाइंट हासिल किया, लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने धैर्य बनाए रखते हुए 12-10 से गेम और मैच अपने नाम किया। इसके बाद चोटरानी ने यू हाइजेन को 11-5, 11-5, 11-3 से हराकर भारत की बढ़त दोगुनी कर दी।

उन्होंने 20 मिनट से भी कम समय में मुकाबला अपने नाम किया। सेंथिलकुमार ने झोउ पेंगलिन को 11-3, 11-2, 11-4 से हराकर भारत की 3-0 से जीत तय की। महिला टीम को हालांकि शुरुआती झटके के बाद वापसी के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ी। समीना रियाज ने जियुआन यिन के खिलाफ दो गेम की बढ़त गंवा दी और उन्हें पांच गेम के कड़े मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा।

भारत के पूर्व एशियाई खेल हॉकी स्वर्ण पदक विजेता और ओलंपियन मोहम्मद रियाज की बेटी समीना ने शुरुआती दो गेम जीते, लेकिन मुकाबला अपने पक्ष में नहीं कर सकीं। वह 41 मिनट चले रोमांचक मुकाबले में 11-8, 11-6, 9-11, 9-11, 12-14 से हार गईं। इसके बाद तन्वी खन्ना ने झांग युनिंग को 11-3, 11-5, 11-5 से हराकर भारत को वापसी कराई। उन्होंने सिर्फ 17 मिनट में मुकाबला अपने नाम किया। अनुभवी जोशना चिनप्पा ने इसके बाद लियू जियी को 22 मिनट में 12-10, 11-4, 11-6 से हराकर भारत को 2-1 से जीत दिला दी।

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