नयी दिल्ली : भारत की पुरुष हॉकी टीम ने 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर लिया है और कप्तान हरमनप्रीत सिंह की टीम की निगाहें अब भविष्य पर लग गई हैं। हरमनप्रीत और उनके साथियों का कहना है कि ध्यान अब प्रक्रिया पर बना रहेगा और अगले 18 महीनों का इस्तेमाल ओलंपिक खेलों की तैयारी के लिए किया जाएगा। नागोया में स्वर्ण पदक जीतने वाले अभियान से हरमनप्रीत बेहद खुश थे, लेकिन उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को बार-बार अपनी प्रक्रिया पर टिके रहने और स्कोरलाइन से विचलित नहीं होने की याद दिलाई गई। हरमनप्रीत ने कहा, ‘बहुत खुशी है कि हम पदक लेकर लौटे हैं इसलिए और कुछ कहने की जरूरत नहीं है।’ उन्होंने कहा, ‘बस प्रक्रिया और ट्रेनिंग पर टिके रहें। और कोई दबाव नहीं लें, स्कोर चाहे जो भी हो।’
एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतकर हासिल किए गए ओलंपिक क्वालीफिकेशन ने भारत को लॉस एंजिलिस की तैयारी के लिए काफी अहम समय दिया है और हरमनप्रीत को भरोसा है कि खेलों तक के इस समय का पूरा फायदा उठाया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘हमारे पास अच्छा मौका है कि हमें लॉस एंजिलिस ओलंपिक से पहले अच्छा समय मिलेगा और हम उम्मीद कर रहे हैं कि वहां अच्छा करेंगे और उससे पहले के सभी मैचों में भी अच्छा प्रदर्शन करेंगे।’ तनावपूर्ण सेमीफाइनल में भारत को पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी मेहनत करनी पड़ी, हरमनप्रीत ने माना कि टीम ने कुछ गलतियां कीं लेकिन संयम बनाए रखा और जीत हासिल की।
उन्होंने कहा, ‘मैच बहुत अच्छा रहा, यह टूर्नामेंट का ऐसा मैच था जिसमें हमने कुछ बेवकूफी भरी गलतियां कीं और मुझे लगता है कि किसी तरह आखिरी मिनट का गोल बहुत अच्छा था लेकिन डिफेंस में कुल मिलाकर पूरी टीम ने अच्छा प्रदर्शन किया।’ अनुभवी मिडफील्डर मनप्रीत सिंह ने माना कि पाकिस्तान की आक्रामक क्षमता ने सेमीफाइनल को कठिन मुकाबला बना दिया था, लेकिन उन्होंने कहा कि भारत को हमेशा भरोसा था कि अगर वे अपना सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाएंगे तो जीत हासिल कर सकते हैं। मनप्रीत ने कहा, ‘यह अच्छा मैच था क्योंकि उनकी अच्छी टीम हैं, उनके पास अच्छे स्ट्राइकर हैं, उन्होंने हमारी गलतियों पर फायदा उठाया, लेकिन हमें पता था कि अगर हम अपना शत प्रतिशत देंगे तो हम निश्चित रूप से जीतेंगे।’