सियोल : भारतीय टीम कोरिया के खिलाफ डेविस कप क्वालीफायर दूसरे दौर के मुकाबले में उतरेगी तो नजरें डेविस कप अंतिम आठ में जगह बनाने पर लगी होंगी और एक बार फिर दक्षिणेश्वर सुरेश से अपेक्षाओं पर खरे उतरने की उम्मीदें होंगी। दक्षिणेश्वर का सामना शुक्रवार को कोरिया के नंबर एक खिलाड़ी सूनवू क्वोन से होगा। दोनों टीमों के शीर्ष एकल खिलाड़ियों का सफर काफी अलग अलग रहा है लेकिन दोनों एक ही स्थिति में हैं। दोनों के पास अनुभव की कमी नहीं है और रैंकिंग में नीचे जाने के बाद फिर ऊपर आने की कोशिश कर रहे हैं। सियोल के धीमे, नीचे की ओर उछाल वाले कोर्ट पर दक्षिणेश्वर की काबिलियत की परख कोरिया के शीर्ष खिलाड़ी के खिलाफ होगी जो ATP टूर पर दो खिताब जीतने वाले अकेले कोरियाई हैं।
विश्व रैंकिंग में 367वें स्थान पर काबिज दक्षिणेश्वर फरवरी में नीदरलैंड के खिलाफ भारत की 3-2 से जीत के नायक थे जिन्होंने तीनों मैच जीते थे। उनके सामने उसी लय को कायम रखने की चुनौती है लेकिन यहां के हालात उनके आक्रामक खेल के अनुरूप नहीं हैं। कोरिया ने कोर्ट को धीमा और नीचे की ओर उछाल लेने वाला बनाया है जिस पर दक्षिणेश्वर की दमदार सर्विस और तकनीकी कौशल की परीक्षा होगी। दक्षिण कोरिया ने पिछले दौर में अर्जेंटीना को 3-2 से हराया और क्वोन ने दोनों मैच जीते थे। दक्षिणेश्वर ने कहा, ‘मैने चैलेंजर टूर पर क्वोन को देखा है। वह बेहतरीन खिलाड़ी है। कप्तान और कोचों ने भी उसके मैच देखे हैं और मैं उसका सामना करने के लिये तैयार हूं।’
दूसरे एकल में भारत के नंबर एक खिलाड़ी सुमित नागल का सामना हियोन चुंग से होगा जो 2018 में विश्व रैंकिंग में 19वें स्थान पर थे। वह उसी साल आॅस्ट्रेलियाई ओपन के सेमीफाइनल में पहुंचे थे और अलेक्जेंडर ज्वेरेव तथा नोवाक जोकोविच जैसे दिग्गजों को हराया था। चोटों का असर उनकी रैंकिंग पर पड़ा है लेकिन कोरिया ने होंग सियोंग चान की जगह उनके अनुभव को तरजीह दी है। अगर शुक्रवार को स्कोर 1-1 से बराबर रहता है तो युगल मुकाबला अहम होगा जिसमें भारत के एन श्रीराम बालाजी और निकी पूनाचा खेलेंगे। युकी भांबरी के चोट के कारण बाहर होने के बाद पूनाचा को टीम में शामिल किया गया जो कल शाम ही पहुंचे हैं। उनका सामना यूसुंग पार्क और जिसुंग नाम से होगा। भारत 1996 में अलग प्रारूप में डेविस कप क्वार्टर फाइनल में पहुंच चुका है लेकिन कोलकाता में स्वीडन ने उसे 5-0 से हराया था।