खेल

IND vs ENG Hockey : इस कारण इंग्लैंड से हारी भारतीय टीम

डिफेंस की कमजोरियां और पेनल्टी कॉर्नर पर नाकामी बनी हार की बड़ी वजह, अब पाकिस्तान के खिलाफ आखिरी लीग मैच में जीत या ड्रॉ से ही दूसरे दौर की उम्मीद

एम्सटेलवीन : दुनिया की तीसरे नंबर की टीम के खिलाफ डिफेंस में कोताही बरतने का खामियाजा भारत को भुगतना पड़ा और FIH विश्व कप में पूल डी के सबसे कठिन मुकाबले में उसे इंग्लैंड ने 4-2 से हरा दिया जिससे अब भारत को आखिरी मैच में 19 अगस्त को चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को हराना होगा या ड्रॉ खेलना होगा। पूल से शीर्ष दो टीमें दूसरे दौर में जायेंगी। दूसरे क्वार्टर में दो गोल करने वाली भारतीय टीम ने आखिरी 30 मिनट में इंग्लैंड को डिफेंस में सेंध लगाने का मौका दे दिया। इंग्लैंड के लिये निकोलस बेंडारूक ने (14वें और 55वें मिनट) दो गोल किये जबकि स्टुअर्ट रशमेयेर ने 39वें और हेनरी क्रोफ्ट ने 43वें मिनट में गोल दागा। भारत के लिये कप्तान हरमनप्रीत सिंह (17वां) और दिलप्रीत सिंह (25वां) ने गोल किये।

पूल डी में दोनों मैच जीतकर इंग्लैंड शीर्ष पर है जबकि एक जीत और एक हार के बाद भारत दूसरे स्थान पर है। वेल्स से ड्रॉ खेलने के बाद पाकिस्तान एक हार और एक ड्रॉ के साथ तीसरे और वेल्स गोल औसत के आधार पर आखिरी स्थान पर है। पहले मैच में वेल्स को 3-1 से हराने वाली भारतीय टीम इस अहम मुकाबले में चार पेनल्टी कॉर्नर में से एक को ही तब्दील कर सकी। भारत ने पहले क्वार्टर में आक्रामक शुरूआत की और तीसरे ही मिनट में सुखजीत ने पहला हमला बोलते हुए सर्कल के भीतर अभिषेक को गेंद सौंपी लेकिन इंग्लैंड का डिफेंस मुस्तैद था। भारतीय टीम सातवें मिनट में फिर गोल करने के करीब पहुंची जब जरमनप्रीत सिंह ने दाहिने विंग पर गेंद कब्जे में ली और सर्कल पर दिलप्रीत को सौंपी।

दिलप्रीत ड्रिबल करते हुए गेंद को भीतर लेकर गए और शिलानंद लाकड़ा को क्रॉस दिया जो उसे पकड़ नहीं सके। गेंद जरमनप्रीत के पास फिर आई जिनका शॉट बाहर से निकल गया। सुमित को दसवें मिनट में ग्रीन कार्ड मिलने से भारत को दो मिनट तक दस खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा। इंग्लैंड के फिल रोपर गेंद को भीतर लेकर गए लेकिन उनका शॉट जुगराज के पैर से टकराया और रेफरल पर इंग्लैंड को पेनल्टी कॉर्नर मिला। सैम हूपर के शॉट को भारत के सबसे अनुभवी खिलाड़ी मनप्रीत सिंह ने शानदार रशिंग का प्रदर्शन करते हुए रोका। पहले क्वार्टर के आखिरी मिनट में इंग्लैंड ने भारतीय डिफेंस के बिखरने का फायदा उठाकर बढत बना ली। हूपर ने हवा में गेंद उछाली जिसे बेहतरीन नियंत्रण का प्रदर्शन करते हुए स्टुअर्ट रशमेयेर ने लपका जबकि भारतीय गोलकीपर मोहित एचएस आगे निकल चुके थे।

अमित रोहिदास और संजय को चकमा देकर निकोलस ने गेंद गोल के भीतर डाल दी। एक गोल गंवाने के बाद भारत ने पलटवार तेज किये और दूसरे क्वार्टर के दूसरे ही मिनट में रेफरल पर पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया। कप्तान हरमनप्रीत ने गोल के बायें कॉर्नर पर ऊपर की ओर दमदार फ्लिक लगाकर गोल किया और इंग्लैंड के गोलकीपर के पास कोई मौका नहीं था। इसके अगले ही मिनट भारत को बढ़त बनाने का मौका मिला जब अभिषेक ने गेंद इंग्लैंड के खिलाड़ी से छीनकर गोल की तरफ निशाना साधा लेकिन गेंद शिलानंद लाकड़ा से टकराई और सैम वार्ड ने चतुराई से उसे सर्कल से बाहर कर दिया। भारतीय फॉरवर्ड पंक्ति ने बेहतरीन तालमेल दिखाते हुए हमले जारी रखे और सुखजीत तथा दिलप्रीत ने 19वें मिनट में दूसरा पेनल्टी कॉर्नर बनाया। इस बार हरमनप्रीत की ड्रैग फ्लिक को इंग्लैंड के गोलकीपर ओलिवर पेन ने भांप लिया और रिबाउंड पर रिवर्स हिट पर भी गोल नहीं हो सका।

भारत का दूसरा गोल फॉरवर्ड पंक्ति के टीम प्रयास का नतीजा था। छोटे पास और बेहतरीन तालमेल ने भारत को 24वें मिनट में बढत दिलाई। हार्दिक बायें विंग से गेंद लेकर आगे बढे और अभिषेक को सौंपी जिन्होंने बेहतरीन क्रॉस पर गोल के सामने खड़े दिलप्रीत को पास दिया जिन्होंने गेंद का रूख गोल की तरफ करने में कोई चूक नहीं की। दूसरे क्वार्टर के आखिरी मिनट में इंग्लैंड को पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन बराबरी का गोल नहीं हो सका। ब्रेक तक भारत के पास 2-1 की बढ़त थी। इंग्लैंड की टीम तीसरे क्वार्टर में पूरी तरह हावी नजर आई और भारत के पास गेंद ठहरने ही नहीं दी। इसी क्वार्टर में दो गोल करके इंग्लैंड ने बढत बनाई । उसे 35वें मिनट में एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन गोल नहीं हो सका।

वहीं पूरे मैच में शानदार फॉर्म में चल रहे रशमेयेर ने 39वें मिनट में एकल प्रयास पर गोल करके स्कोर 2-2 से बराबर कर दिया। इसके पांच मिनट बाद रशमेयेर ने ही दाहिने ओर से मूव की शुरूआत की और गोल के ठीक बाहर खड़े हेनरी को अच्छी फ्लिक पर गेंद सौंपी । हेनरी ने किनारे से नीचे की ओर जाता शॉट लगाकर इंग्लैंड के लिये तीसरा गोल किया। जरमनप्रीत के प्रयास से भारत को चौथे क्वार्टर की शुरूआत में ही पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन हरमनप्रीत की फ्लिक दमदार नहीं रही। भारत ने मैच खत्म होने से दस मिनट पहले अपना वीडियो रेफरल भी गंवा दिया जब मनदीप सिंह को बाधा पहुंचाये जाने पर पेनल्टी कॉर्नर की मांग को टीवी अंपायर ने ठुकरा दिया। आखिरी मिनटों में भारत ने लगातार पेनल्टी कॉर्नर गंवाये और 55वें मिनट में निकोलस ने पेनल्टी कॉर्नर तब्दील करके इंग्लैंड को दो गोल के अंतर से जीत दिलाई।

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