बेल्जियम : पांच दशक बाद विश्व कप में पदक जीतने का सपना टूटने के बाद भारतीय पुरुष हॉकी टीम आखिरी मैच में जीत के साथ स्वदेश लौटना चाहेगी लेकिन शुक्रवार को होने वाले इस मुकाबले में उसके सामने सह मेजबान और मौजूदा प्रो लीग चैंपियन बेल्जियम को उसके मैदान पर हराने की कठिन चुनौती है। नीदरलैंड के एम्सटेलवीन में पहले और दूसरे चरण के मैच खेलने वाली भारतीय टीम पूल ई में चौथे स्थान पर रहने के बाद सातवें/आठवें स्थान का क्लासीफिकेशन मुकाबला खेलने यहां आई है। लेकिन हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली टीम की राह इतनी आसान नहीं है क्योंकि उसके सामने 2018 विश्व कप चैंपियन दुनिया की दूसरे नंबर की टीम है जो टूर्नामेंट शुरू होने से पहले खिताब की प्रबल दावेदार मानी जा रही थी।
बेल्जियम भी सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर होने के झटके से उबरकर आखिरी मैच जीतने का पूरा प्रयास करेगी। अर्जेंटीना के खिलाफ दूसरे दौर के आखिरी मैच में हारकर बाहर हुई भारतीय टीम पूरे टूर्नामेंट में धीमी शुरूआत और 60 मिनट तक लय बरकरार नहीं रख पाने के लिये आलोचना झेल रही है। भारत को सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीद बनाये रखने के लिये अर्जेंटीना को बड़े अंतर से हराना था लेकिन 39वें सेकेंड में ही गोल गंवाने के बाद बने दबाव से टीम निकल ही नहीं सकी। डिफेंस लगातार चरमराता रहा और फॉरवर्ड पंक्ति में तालमेल का अभाव दिखा जबकि मिडफील्ड में गैप का पूरा फायदा उठाकर अर्जेंटीना ने 5-3 से जीत दर्ज करके भारत को अंतिम चार की दौड़ से बाहर कर दिया था।
भारत ने टूर्नामेंट में 14 गोल किये और 16 गंवाये । विश्व कप में सातवां स्थान हासिल करने के अलावा भारत को अगले महीने होने वाले एशियाई खेलों से पहले मजबूत प्रतिद्वंद्वी को हराकर अपना खोया आत्मविश्वास भी हासिल करना होगा । विश्व कप में निराशा के बाद अब जापान के आइची नागोया में होने वाले एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 के लिये सीधे क्वालीफाई करना ही पिछले दो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता टीम का लक्ष्य होगा। भारत को पेनल्टी कॉर्नर में भी विविधता लानी होगी चूंकि कप्तान हरमनप्रीत पर अत्यधिक निर्भरता भारी पड़ रही है। मिडफील्ड में मनप्रीत सिंह और हार्दिक सिंह को अपने अनुभव का इस्तेमाल करना होगा जो अभी तक नजर नहीं आया है।
पेरिस ओलंपिक चैम्पियन नीदरलैंड के खिलाफ भी 40 मिनट तक उम्दा खेल दिखाने के बाद भारत ने आखिरी बीस मिनट में तीन गोल गंवाये और 1-3 से पराजय का सामना करना पड़ा। पूल चरण में भारत ने पाकिस्तान को 5-3 से और वेल्स को 3-1 से हराया था लेकिन इंग्लैंड से 4-2 से हार गया था। बड़ी उम्मीदों और तैयारियों के साथ विश्व कप में उतरी भारतीय टीम से 1975 के बाद पहली बार पोडियम पर रहने की उम्मीद थी लेकिन अपनी गलतियों और खराब खेल से भारत का सपना टूटा। भारतीय टीम के मुख्य कोच क्रेग फुल्टोन का मानना है कि बेल्जियम के खिलाफ गलतियों की गुंजाइश नहीं होगी और उनकी टीम को सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाना होगा।
उन्होंने कहा, ‘मैं अपनी टीम की बात करूं तो हम जीत के साथ टूर्नामेंट से विदा लेने की कोशिश करेंगे। हमारा काम अभी पूरा नहीं हुआ है और हमें अच्छा प्रदर्शन करना ही होगा।’ उन्होंने आगे कहा, ‘बेल्जियम बेहतरीन टीम है और दुनिया की तीन शीर्ष टीमों में से है। वे भी टूर्नामेंट में अपने प्रदर्शन से खुश नहीं होंगे। उनका खेलने का अलग तरीका है और उनके पास शानदार खिलाड़ी हैं। उनका पेनल्टी कॉर्नर अटैक और डिफेंस लाजवाब है और हमें अनुशासित प्रदर्शन करना होगा। हमें डिफेंस में सुधार की जरूरत है जिसके आधार पर आगे अच्छा प्रदर्शन कर सकेंगे।’ यह पूछने पर कि बेल्जियम ने अपने सारे मैच इसी मैदान पर खेले हैं जबकि भारतीय टीम टूर्नामेंट का एकमात्र मैच यहां खेल रही है तो इससे क्या असर पड़ेगा, फुल्टेान ने कहा, ‘एम्सटर्डम में अलग माहौल था और मेजबान टीम के खिलाफ उसके मैदान पर खेलना काफी रोमांचक होता है।
यह भारत के खिलाफ राउरकेला या भुवनेश्वर में खेलने जैसा होगा और हम इस शानदार माहौल में खेलने को बेताब हैं।’ दूसरी ओर पहले चरण में दो मैच जीतने और एक हारने के बाद बेल्जियम ने दूसरे चरण में आॅस्ट्रेलिया और स्पेन से ड्रॉ खेले जिससे अपने देश में खिताब जीतने का उसका सपना टूट गया। बेल्जियम ने प्रो लीग के पिछले सत्र में भारत को फरवरी में राउरकेला में 4-2 और 3-1 से हराया था । बेल्जियम के टॉम बून 19 गोल करके प्रो लीग के इस सत्र में सर्वाधिक गोल करने वाले दूसरे खिलाड़ी रहे और इस विश्व कप में भी पांच गोल कर चुके हैं। वहीं उनके साथी पेनल्टी कॉर्नर विशेषज्ञ अलेक्जेंडर हेंडरिक्स ने प्रो लीग में 15 गोल दागे थे। मैच भारतीय समयानुसार रात 9:45 बजे शुरू होगा।