नयी दिल्ली : अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) सोमवार को विवादों में घिर गया, जब उसकी महिला समिति की प्रमुख वलांका अलेमाओ ने हालिया बैठक के दौरान अध्यक्ष कल्याण चौबे पर उत्पीड़न और डराने-धमकाने के आरोप लगाए। अलेमाओ AIFF की कार्यकारी समिति की सदस्य और आई-लीग क्लब चर्चिल ब्रदर्स की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) भी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि रविवार को नई दिल्ली में आयोजित कार्यकारी समिति की बैठक के दौरान उन्हें 'टोकाटाकी और उत्पीड़न' का सामना करना पड़ा। कार्यकारी समिति के सदस्यों को लिखे पत्र में उन्होंने आरोप लगाया कि चौबे, उपाध्यक्ष एनए हारिस और उप महासचिव एम सत्यनारायण ने महिलाओं के फुटबॉल के प्रशासन से जुड़े मुद्दे उठाने के दौरान उनकी आवाज दबाने के लिए डराने वाला रवैया अपनाया और अपमानजनक टिप्पणियां कीं।
पत्र में अलेमाओ ने लिखा, 'मैं AIFF अध्यक्ष कल्याण चौबे, उपाध्यक्ष एनए हारिस और उप महासचिव एम सत्यनारायण के बेहद आपत्तिजनक व्यवहार को रिकॉर्ड में रखना चाहती हूं। मुझे गहरा पक्षपात महसूस हुआ और कई बार मेरी आवाज दबाने की कोशिश की गई।' उन्होंने आरोप लगाया, 'अध्यक्ष ने मेरे खिलाफ अनावश्यक और अपमानजनक टिप्पणियां कीं। उन्होंने और उप महासचिव ने बार-बार ऊंची आवाज में बात की, जिसका उद्देश्य मुझे डराना था। पूरी बैठक के दौरान मुझे लगातार निशाना बनाया गया।' ये आरोप AIFF और अलेमाओ के बीच पहले से चल रहे तनाव के बीच सामने आए हैं।
अलेमाओ ने भारतीय महिला टीम के एशियाई कप अभियान के दौरान 'लगातार हुई गलतियों' के लिए जवाबदेही की मांग की थी, जिसमें लॉजिस्टिक्स और प्रबंधन से जुड़ी खामियां शामिल थीं। AIFF ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया और उल्टा अलेमाओ व उनके परिवार पर अपने क्लब चर्चिल ब्रदर्स को इंडियन सुपर लीग (ISL) में शामिल कराने के लिए 'लगातार दबाव' बनाने का आरोप लगाया। गोवा स्थित इस क्लब का नेतृत्व लंबे समय से उद्योगपति और राजनेता चर्चिल अलेमाओ करते रहे हैं। क्लब ने 2024-25 सत्र का आई-लीग खिताब जीतने का दावा किया था, लेकिन खेल पंचाट (CAS) के फैसले के बाद यह खिताब और ISL में पदोन्नति इंटर काशी को दे दी गई। AIFF ने अपने बयान में कहा, 'महासंघ वलांका अलेमाओ द्वारा लगाए गए आरोपों को स्पष्ट रूप से खारिज करता है और पारदर्शिता के हित में कुछ तथ्य सामने रखना चाहता है।'
बयान के अनुसार, आठ जनवरी से 15 फरवरी 2026 के बीच अलेमाओ और उनके परिवार के सदस्यों ने चर्चिल ब्रदर्स को विशेष प्रावधानों के तहत ISL में शामिल कराने के लिए महासंघ पर दबाव बनाया, लेकिन नियमों और दायित्वों के चलते यह संभव नहीं था। AIFF ने यह भी बताया कि छह जनवरी 2026 को सभी हितधारकों की मौजूदगी में आगामी ISL सत्र में 14 टीमों और 91 मैचों के प्रारूप को मंजूरी दी गई थी, जिसे एशियाई फुटबॉल परिसंघ (एएफसी) से भी स्वीकृति मिली। इसके बाद अलेमाओ के परिवार के सदस्यों द्वारा कई कानूनी याचिकाएं दायर की गईं। AIFF के अनुसार, अलेमाओ ने कार्यकारी समिति की बैठकों के दौरान भी अपने क्लब को ISL में शामिल कराने के लिए लगातार प्रयास किए। महासंघ ने बताया कि अलेमाओ के अनुरोध पर नौ फरवरी 2026 को आपात बैठक बुलाई गई थी, लेकिन कोरम पूरा नहीं होने के कारण बैठक नहीं हो सकी। इसके बाद 12 फरवरी को दोबारा बैठक हुई, जिसमें सभी सदस्यों की मौजूदगी में चर्चिल ब्रदर्स को ISL में शामिल करने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया।