नयी दिल्ली : अनुभवी प्रशासक और अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) के पूर्व महासचिव कुशल दास का शुक्रवार को निधन हो गया। वह 65 वर्ष के थे। दास ने भारत में 2017 फीफा अंडर-17 विश्व कप के आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने 2022 में स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा देने से पहले 12 वर्षों तक AIFF के महासचिव पद पर कार्य किया।फुटबॉल प्रशासन से 2010 में जुड़ने से पहले दास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) और अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन समूह (आईएमजी) इंडिया में मुख्य वित्तीय अधिकारी के रूप में कार्यरत थे।उन्होंने दिल्ली के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। यह जानकारी शाजी प्रभाकरन ने दी।
प्रभाकरन भी अनुभवी फुटबॉल प्रशासक हैं, जिन्होंने आई-लीग के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनंदो धर के कुछ समय तक कार्यवाहक महासचिव के रूप में कार्य करने के बाद 2022 में AIFF के पूर्णकालिक महासचिव के रूप में दास का स्थान लिया था। प्रभाकरन ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘AIFF के पूर्व महासचिव कुशल दास का आज सुबह दिल्ली के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। इस बेहद कठिन समय में उनके परिवार और प्रियजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएँ और प्रार्थनाएँ। ओम शांति।’ उनके कार्यकाल में भारतीय राष्ट्रीय टीम ने तीन AFC एशियाई कप टूर्नामेंटों के लिए क्वालीफाई किया।
देश ने 2017 में पहली बार प्रतिष्ठित फीफा अंडर-17 विश्व कप की मेजबानी की। उन्होंने विश्व कप की मेजबानी को उस समय भारतीय फुटबॉल के लिए ‘बहुत बड़ा’ मौका करार दिया था। इस आयोजन ने इतिहास में सबसे अधिक दर्शकों वाले फीफा युवा विश्व कप का रिकॉर्ड बनाया। उनके प्रयासों से भारत को 2022 AFC महिला एशियाई कप और 2022 फीफा अंडर-17 महिला विश्व कप की मेजबानी हासिल हुई थी। दास ने फुटबॉल स्पोर्ट्स डेवलपमेंट लिमिटेड (FSDL) को AIFF का विपणन भागीदार बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। दास ने 2010 में फुटबॉल स्पोर्ट्स डेवलपमेंट लिमिटेड (FSDL) को AIFF के विपणन भागीदार (मार्केटिंग पार्टनर) के रूप में लाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसके परिणामस्वरूप इंडियन सुपर लीग (ISL) की शुरुआत हुई।
उन्होंने कहा था कि पिछले प्रसारक के अलग होने के बाद इस साझेदारी ने AIFF को वित्तीय संकट से बचाया। उनके मार्गदर्शन में AIFF ने ‘गोल्डन बेबी लीग’ और एक संरचित युवा विकास प्रणाली शुरू की, जिसमें आयु-समूह लीग शामिल थीं। इस योजना ने क्लबों और अकादमियों को दीर्घकालिक खिलाड़ी विकास पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित किया। AIFF में दास का कार्यकाल प्रफुल पटेल के अध्यक्ष रहते हुए बीता। पटेल के नेतृत्व वाली संचालन समिति को समय पर चुनाव न कराने के कारण उच्चतम न्यायालय द्वारा पद से हटाए जाने के बाद दास ने भारतीय फुटबॉल का संचालन कर रही प्रशासक समिति को अपना इस्तीफा भेज दिया था। दास को 2013 में AIFF के महासचिव के रूप में तीन साल के दूसरे कार्यकाल के लिए पुनः नियुक्त किया गया। दास ने दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज से गणित में BSC की थी।