ईस्ट रदरफोर्ड : एर्लिंग हालैंड ने 80वें मिनट में पहला गोल किया और नियमित समय के समाप्त होने से ठीक पहले एक और गोल दागा जिससे नॉर्वे ने पांच बार के चैंपियन ब्राजील को 2-1 से हराकर पहली बार विश्व कप फुटबॉल के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। इस युवा स्ट्राइकर को मैच में अधिकतर समय गेंद को स्पर्श करने के कम ही मौके मिले लेकिन जब महत्वपूर्ण अवसर पर गेंद उनकी जद में आई तो उन्होंने फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर दिखा दिया कि वह कितने प्रतिभाशाली हैं। हालैंड ने हाफ टाइम के बाद मैदान में उतरे एंड्रियास शेल्डरुप के बेहतरीन पास पर गेंद को अपने दाहिने तरफ से गोल में पहुंचाया।
यह छह फुट पांच इंच लंबे हालैंड का विश्व कप में छठा गोल था जिसका जश्न शेल्डरुप ने उनकी पीठ पर चढ़कर मनाया। शेल्डरुप ने इसके बाद हालैंड के विश्व कप में सातवें गोल करने में भी मदद की और फिर उसी तरह से जश्न मनाया। इस गोल से हालैंड ने मौजूदा टूर्नामेंट में सर्वाधिक गोल करने के मामले में लियोनेल मेसी और काइलियन एमबाप्पे की बराबरी कर ली। ब्राजील की तरफ से नेमार ने स्टॉपेज टाइम के अंत में पेनल्टी किक पर गोल किया, जिससे उसकी हार का अंतर ही कम हुआ। हालैंड ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार 14 प्रतिस्पर्धी मैचों में गोल करने का सिलसिला जारी रखा। इस दौरान उन्होंने 27 गोल किए हैं। नॉर्वे के लिए वह 54 मैचों में 62 गोल कर चुके हैं।
नॉर्वे की इस जीत में उसके गोलकीपर ओरजान नाइलैंड की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही जिन्होंने कुछ शानदार बचाव किए। ब्राजील को 14वें मिनट में ही बढ़त बनाने का सुनहरा अवसर मिला था जब उसे पेनल्टी मिली लेकिन नाइलैंड ने अपनी बायीं तरफ गोता लगाकर ब्रूनो गुइमारेस की पेनल्टी किक को रोक दिया। इसके बाद जब नार्वे ने एक गोल की बढ़त हासिल कर ली थी तब उन्होंने एंड्रिक के शॉट को अपने बाएं हाथ से रोक दिया। नाइलैंड 35 वर्ष के हैं और अपनी टीम के सबसे उम्रदराज खिलाड़ी हैं। उनके और हालैंड के शानदार प्रदर्शन से नार्वे ने पुरुष फुटबॉल में अपनी सबसे बड़ी जीत हासिल की।
नॉर्वे की महिला टीम ने 1995 में विश्व कप जीता था, लेकिन पुरुष टीम केवल चार बार ही क्वालीफाई कर पाई है। उसकी टीम 1998 के बाद पहली बार विश्व कप में खेल रही है और इससे पहले कभी अंतिम 16 से आगे नहीं बढ़ पाई थी। नॉर्वे का अगला मुकाबला रविवार को फ्लोरिडा के मियामी गार्डन्स में इंग्लैंड से होगा। गुइमारेस 1986 में ज़िको के बाद विश्व कप पेनल्टी किक पर गोल न करने वाले पहले ब्राजीलियाई खिलाड़ी बन गए। स्टार विनीसियस जूनियर के बजाय उन्हें पेनल्टी किक देने का निर्णय तुरंत ही सवालों के घेरे में आ गया और संभवतः काफी समय तक इसकी आलोचना होती रहेगी। ब्राजील ने इसके अलावा कई अन्य मौके भी गंवाए।
ब्राजील को अब घोर निराशा के साथ स्वदेश लौटना होगा। इस हार से विश्व फुटबॉल की महाशक्ति ब्राजील का टूर्नामेंट में क्वार्टर फाइनल में लगातार आठ बार पहुंचने का सिलसिला टूट गया। वह 1990 के बाद पहली बार विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में पहुंचने में नाकाम रहा। विश्व कप में यूरोपीय प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ ब्राजील की यह लगातार सातवीं हार थी, जो 2002 के फाइनल में जर्मनी को हराने के बाद से जारी है। चोटिल मिडफील्डर लुकास पैक्वेटा की अनुपस्थिति ने स्थिति को और भी बिगाड़ दिया। स्टेडियम खचाखच भरा था। इसमें मौजूद 80,663 दर्शकों में ब्राजील के समर्थक अधिक थे लेकिन आखिर में उन्हें निराश होकर वापस लौटना पड़ा।