बेंगलुरू : मौजूदा चैंपियन मध्य क्षेत्र रविवार से यहां शुरू होने वाले दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल में आत्मविश्वास से भरी पूर्वी क्षेत्र का सामना करेगा जबकि उत्तर क्षेत्र और पिछले साल की उपविजेता दक्षिण क्षेत्र के बीच भी रोमांचक मुकाबला होने की संभावना है। उत्तर और पूर्व क्षेत्र की टीम क्वार्टर फाइनल में जीत हासिल करके आगे बढ़ी हैं जबकि मध्य और दक्षिणी क्षेत्र को सेमीफाइनल में सीधे प्रवेश मिला था। पूर्वी क्षेत्र ने क्वार्टर फाइनल में उत्तर पूर्वी क्षेत्र को करारी शिकस्त दी थी जबकि उत्तर क्षेत्र में पश्चिम क्षेत्र के खिलाफ बाएं हाथ के स्पिनर आबिद मुश्ताक की शानदार गेंदबाजी की बदौलत रोमांचक जीत हासिल की थी। लगातार दूसरे साल रजत पाटीदार की कप्तानी में खेल रहे मध्य क्षेत्र और तिलक वर्मा की अगुवाई वाली दक्षिण क्षेत्र को टूर्नामेंट में एक भी मैच न खेलने के बावजूद शानदार शुरुआत करनी होगी।
मध्य क्षेत्र में पिछले साल ट्रॉफी जीतने वाली टीम के प्रमुख खिलाड़ियों को टीम में बनाए रखा है। पाटीदार IPL और MP T-20 लीग में शानदार प्रदर्शन के बाद टूर्नामेंट में उतर रहे हैं, जबकि उप-कप्तान रिंकू सिंह के रूप में उसके पास मध्य क्रम में एक और मजबूत खिलाड़ी है। मध्य क्षेत्र का मजबूत पक्ष उसकी गेंदबाजी हो सकती है। श्रीलंका के खिलाफ ड्रॉ रहे दूसरे टेस्ट में चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में शानदार प्रदर्शन करने वाले सारांश जैन और अफगानिस्तान के खिलाफ हाल ही में वनडे मैचों में खेलने वाले हर्ष दुबे बेहतरीन स्पिन जोड़ी हैं। यश ठाकुर और जीशान अंसारी तेज गेंदबाजी विभाग की जिम्मेदारी संभालेंगे। पूर्व क्षेत्र की टीम अपनी लय को बरकरार रखना चाहेगी, जिसमें युवा वैभव सूर्यवंशी एक बार फिर आकर्षण का केंद्र होंगे।
क्वार्टरफाइनल में पूर्व क्षेत्र ने शानदार प्रदर्शन करते हुए उत्तर पूर्वी क्षेत्र को पारी और 210 रन से करारी शिकस्त दी थी। इस मैच में बंगाल के सुदीप घरामी और शाहबाज अहमद ने शतक जड़े थे। कप्तान ईशान किशन, युवा सनसनी सूर्यवंशी और अनुभवी अभिमन्यु ईश्वरन भी इस मैच में बड़ी पारियां खेलने की कोशिश करेंगे। शाहबाज ने चार विकेट लेकर गेंदबाजी में भी अहम योगदान दिया था। उनके अलावा अनुकूल रॉय ने दूसरी पारी में पांच विकेट लिए और अभिजीत सरकार ने मैच में छह विकेट हासिल किए। उत्तर क्षेत्र और दक्षिण क्षेत्र के बीच होने वाले सेमीफाइनल मुकाबले में दोनों टीम का पलड़ा लगभग समान नजर आता है।
दक्षिण क्षेत्र के पास कप्तान तिलक वर्मा, रिकी भुई, नारायण जगदीसन और करुण नायर जैसे अनुभवी बल्लेबाज हैं। दक्षिण क्षेत्र की गेंदबाजी की बात करें तो श्रेयस गोपाल और बाएं हाथ के स्पिनर तनाय त्यागराजन गेंदबाजी आक्रमण में विविधता लाते हैं। तेज गेंदबाजी विभाग में उसका दारोमदार विद्युत कावेरप्पा पर रहेगा। उत्तर क्षेत्र की टीम पश्चिम क्षेत्र को 52 रन से हराकर इस मुकाबले में उतरेंगी। उसकी टीम के चयन को लेकर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि रणजी ट्रॉफी में तीसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी सनत सांगवान पर यश ढुल को प्राथमिकता दी गई है।
ढुल पश्चिम क्षेत्र के खिलाफ संघर्ष करते हुए नजर आए तथा केवल नौ रन और शून्य पर आउट हो गए, जबकि सांगवान बेंच पर बैठे मैच देखते रहे। सांगवान को इस मैच में अंतिम एकादश में जगह मिल सकती है। उत्तर क्षेत्र अपने तेज गेंदबाजी आक्रमण में भी फेरबदल कर सकता है, जिसमें सुनील कुमार की जगह भारतीय तेज गेंदबाज गुरनूर बराड़ को मौका दिया जा सकता है। गुरनूर ने श्रीलंका ए के खिलाफ प्रभावशाली प्रदर्शन किया था। इंग्लैंड के खिलाफ वनडे में भी उनका प्रदर्शन उत्साहजनक रहा था। बल्लेबाजी ने उत्तर क्षेत्र की तरफ से उप कप्तान आयुष बडोनी की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने पिछले मैच की दोनों पारियों में अर्द्धशतक बनाए थे।