नयी दिल्ली : दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ चेन्नई सुपरकिंग्स की आठ विकेट की जीत में अहम योगदान निभाने वाले खब्बू स्पिनर अकील हुसैन ने कहा कि T-20 प्रारूप में पावर प्ले में सफलता के लिए सिर्फ कौशल ही नहीं, बल्कि मजबूत मानसिकता और अनुशासन भी बेहद जरूरी हैं। अकील ने चेन्नई सुपरकिंग्स के इस अहम मुकाबले में चार ओवर में सिर्फ 19 रन देकर एक विकेट लिया। उन्होंने चार में से तीन ओवर पावर प्ले में डाले। इस दौरान 11 डॉट गेंदें डालते हुए 15 रन देकर लोकेश राहुल का अहम विकेट भी चटकाया। चेन्नई सुपरकिंग्स ने मंगलवार को यहां दिल्ली कैपिटल्स को सात विकेट पर 155 रन पर रोकने के बाद मैन ऑफ द मैच संजू सैमसन की नाबाद 87 रन की पारी के बूते 17.3 ओवर में दो विकेट पर 159 रन बनाकर शानदार जीत दर्ज की।
अकील ने मैच के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा, 'पावर प्ले में गेंदबाजी के लिए आपको मानसिक रूप से मजबूत भी होना पड़ता है। इसके लिए कौशल की जरूरत होती है, खासकर उन पिचों पर जहां स्पिन को मदद नहीं मिलती। इस दौरान सिर्फ दो क्षेत्ररक्षक (30 गज के दायरे से) बाहर होते हैं, ऐसे में आप ज्यादा लालच नहीं कर सकते या हर गेंद पर विकेट ढूंढने नहीं जा सकते। विकेट के पीछे भागने से ज्यादा जरूरी है योजना पर टिके रहना।' उन्होंने कहा, 'आप पावरप्ले में अगर किफायती गेंदबाजी कर लेते हैं, तो वह भी टीम के लिए बड़ी जीत जैसा है।' उन्होंने राहुल के विकेट का श्रेय कप्तान रुतुराज गायकवाड़ को देते हुए कहा, 'गेंदबाजी छोर बदलने का फैसला मेरा नहीं था, यह कप्तान का था।
लेकिन आपको हर चुनौती के लिए तैयार रहना होता है। मैंने क्षेत्ररक्षकों की जमावट इस तरह की थी कि बल्लेबाज को वहीं शॉट खेलने पर मजबूर करूं, जहां क्षेत्ररक्षक मौजूद हों, और यही हुआ।' सुपरकिंग्स की पिछली दो जीत में हुसैन का योगदान काफी अहम रहा है। उन्होंने मुंबई इंडियंस के खिलाफ भी 17 रन पर चार विकेट चटकाए थे। इस प्रारूप के शानदार गेंदबाज होने के बावजूद वह मौजूदा सत्र में टीम के 10 में से सिर्फ पांच मैच ही खेल पाए हैं। वेस्टइंडीज के इस गेंदबाज ने कहा, 'आपको इस प्रारूप में खुले दिमाग के साथ मैदान पर उतरना होता है और टीम को जो चाहिए, वही सबसे जरूरी होता है। हम खिलाड़ियों के लिए बात सीधी है कि जिस दिन जिस खिलाड़ी की जरूरत हो, वही खेलेगा। हमें पूरा भरोसा है कि कोचिंग स्टाफ टीम के लिए सबसे बेहतर एकादश चुन रहा है।'
हुसैन ने कहा कि शुरुआती ओवरों में गेंदबाजी करते हुए उनका काम अपने प्रदर्शन को बेहतर तरीके से निभाने के साथ-साथ दूसरे गेंदबाजों को पिच और परिस्थितियों की जानकारी देना भी होता है। वेस्टइंडीज के लिए सीमित ओवरों के प्रारूप में 150 से ज्यादा विकेट लेने वाले इस 33 वर्षीय गेंदबाज ने सुपरकिंग्स के साथी स्पिनर नूर अहमद के साथ साझेदारी के बारे में पूछे जाने पर कहा, 'मेरा काम है जल्दी से परिस्थितियों को परखना और वह जानकारी नूर या बाकी गेंदबाजों को देना।' उन्होंने कहा, 'हमारे बीच बातचीत बहुत शानदार रही है। अगर मेरा साथी मुझसे बेहतर करता है, तो वह टीम के लिए ही फायदेमंद है।' उन्होंने मैच से पहले की तैयारियों पर जोर देते हुए कहा, 'मैदान पर उतरने से पहले तैयारी बहुत जरूरी है।
आपको पता होना चाहिए कि किस बल्लेबाज के खिलाफ क्या करना है। पिच कभी स्पिन लेगी, कभी नहीं, और ऐसे में परिस्थितियों का जल्दी आकलन करना जरूरी है।' हुसैन ने कहा, 'मेरे पास स्पिन और स्विंग दोनों हैं, तो मैं उसी दिन के हिसाब से सर्वश्रेष्ठ तरीके से गेंदबाजी करने की कोशिश करता हूं।' रुतुराज ने शानदार लय में चल रहे जैमी ओवरटन से मैच में सिर्फ एक ओवर कराया। उन्होंने पारी के 19वें ओवर में सिर्फ पांच रन खर्च कर ट्रिस्टन स्टब्स का विकेट लिया। हुसैन ने कप्तान के फैसले का बचाव करते हुए कहा, 'वह पूरे मैच में गेंदबाजी नहीं कर पाए, लेकिन आखिरी ओवरों में आकर दबाव में शानदार ओवर डालना यह बताता है कि आपको हमेशा खेल में जुड़े रहना चाहिए। उन्होंने अपनी भूमिका को समझा और उसे बेहतरीन तरीके से निभाया।'