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IPL में इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में नहीं खेलेंगे धोनी

इम्पैक्ट प्लेयर की भूमिका ठुकराकर धोनी ने साफ किया रुख, 2027 IPL में भविष्य को लेकर CSK की रणनीति पर बढ़ी अनिश्चितता

नयी दिल्ली : पूर्व भारतीय कप्तान और चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के दिग्गज खिलाड़ी महेंद्र सिंह धोनी ने स्पष्ट कर दिया है कि वह इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में नहीं खेलना चाहते हैं, जिससे 2027 में होने वाले टूर्नामेंट में उनकी भागीदारी को लेकर बनी अनिश्चितता में एक और नया मोड़ आ गया है। CSK के पूर्व बल्लेबाज सुब्रमण्यम बद्रीनाथ ने यह खुलासा किया। यह अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज इम्पैक्ट प्लेयर नियम से अपना कार्यभार कम करके IPL में अपना करियर आगे बढ़ा सकते थे लेकिन उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि अगर वह खेलना जारी रखते हैं तो वह पूर्णकालिक विकेटकीपर बने रहना चाहते हैं। बद्रीनाथ का मानना ​​है कि 45 वर्षीय धोनी के लिए उनके करियर के इस चरण में इम्पैक्ट प्लेयर की भूमिका उपयुक्त हो सकती है, क्योंकि उनकी बढ़ती उम्र को देखते हुए 20 ओवर तक विकेटकीपिंग करना आसान नहीं होगा।

बद्रीनाथ ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, ‘उन्होंने मुझे बताया कि वह इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में नहीं खेलेंगे। वह खुद को पूर्णकालिक विकेटकीपर मानते हैं, जिसका मतलब है कि उन्हें पूरे 20 ओवर तक मैदान पर रहना होगा। इसलिए वह इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में नहीं खेलेंगे, लेकिन मुझे लगता है कि अगर वह इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर खेलते हैं तो इससे CSK को रणनीतिक फायदा होगा।’ उन्होंने कहा, ‘उनके लिए लंबे समय तक खेलना मुश्किल होगा जैसा कि (CSK के पूर्व मुख्य कोच स्टीफन) फ्लेमिंग ने भी कहा है। वे 16वें ओवर के बाद ही बल्लेबाजी करेंगे और विकेटकीपिंग करेंगे। जब उनकी भागीदारी इतनी कम है तो इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में खेलना उनके लिए आदर्श स्थिति होगी।’  

धोनी पिछले कुछ सत्र में फिटनेस संबंधी समस्याओं से जूझते रहे हैं और IPL में उनके भविष्य को लेकर अटकलें जारी हैं। बद्रीनाथ का मानना ​​है कि इम्पैक्ट प्लेयर नियम धोनी पर काम का बोझ कम कर सकता है। इससे CSK उनके अनुभव और ‘फिनिशर’ के रूप में उनकी भूमिका का फायदा उठा सकता है। विकेटकीपर के रूप में खेलना जारी रखने की धोनी की प्राथमिकता का मतलब है कि CSK को अगले साल IPL में उनकी भागीदारी पर फैसला करने के लिए इंतजार करना पड़ सकता है। CSK को पांच IPL खिताब दिलाने वाले धोनी ने 2024 के सत्र से पहले कप्तानी छोड़ दी और तब से बल्लेबाज के रूप में भी उनकी भूमिका सीमित हो गई है।

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