ग्लास्गो : भारतीय मुक्केबाज साक्षी चौधरी ने राष्ट्रमंडल खेलों में 51 किलोवर्ग के सेमीफाइनल में पहुंचकर कम से कम कांस्य पदक पक्का कर लिया। 26 वर्ष की साक्षी ने उत्तरी आयरलैंड की कैटलिन फ्रायर्स को 5-0 से हराया । लवलीना बोरगोहेन (75 किलो), प्रीति पवार (54 किलो) और जादूमणि सिंह (पुरूष 55 किलो) के बाद वह इन खेलों में पदक पक्का करने वाली पांचवीं भारतीय मुक्केबाज बन गई।
वहीं भारत के अनुभवी तैराक साजन प्रकाश पुरुषों की 200 मीटर फ्रीस्टाइल स्पर्धा के फाइनल में नहीं पहुंच सके और अपनी हीट में पांचवें तथा कुल 20वें स्थान पर रहे। आठ सर्वश्रेष्ठ तैराक ही फाइनल में पहुंचते हैं। साजन एक 1:51.99 सेकेंड का समय निकालकर काफी पीछे थे। उनका सर्वश्रेष्ठ निजी प्रदर्शन और राष्ट्रीय रिकॉर्ड 1:46.61 सेकेंड का है।
32 वर्ष के साजन भारत के ही अनीश गौड़ा से भी पीछे रहे जो पदार्पण करते हुए 1:51.64 सेकेंड का समय निकालकर 18वें स्थान पर रहे। गौड़ा का सर्वश्रेष्ठ निजी प्रदर्शन 1: 51.88 सेकेंड है। पैरा तैराकी में चैतन्य विश्वास कुलकर्णी और सुयश नारायण जाधव ने एस7 50 मीटर फ्रीस्टाइल के फाइनल में जगह बना ली । कुलकर्णी हीट में चौथे स्थान पर रहे जिन्होंने 32 . 77 सेकंड का समय निकाला। वहीं जाधव 35.35 सेकेंड के साथ छठे स्थान पर रहे।
एस7 उन तैराकों के लिये हैं जिनका पैर पूरी तरह से काम नहीं करता है। इससे पहले साजन पुरूषों की 50 मीटर बटरफ्लाइ और 200 मीटर बटरफ्लाइ में भी सेमीफाइनल में नहीं जा सके थे। भारत के लिये राष्ट्रमंडल खेलों की तैराकी स्पर्धा में पैरा तैराक प्रशांत करमाकर ही पदक जीत सके हैं।उन्होंने 2010 में दिल्ली में हुए खेलों में 50 मीटर फ्रीस्टाइल एस9 वर्ग में कांस्य पदक जीता था।