नयी दिल्ली : भारतीय फुटबॉल के दिग्गज बाइचुंग भूटिया का मानना है कि FIFA अगर पुरुष फुटबॉल विश्व कप में टीमों की संख्या 48 से बढ़ाकर 64 कर देता है तो भारत के लिए विश्व कप में जगह बनाने की संभावना बढ़ जाएगी। हालांकि उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि इससे टूर्नामेंट की गुणवत्ता और रोमांच प्रभावित हो सकता है। दक्षिण अमेरिकी फुटबॉल महासंघ (कॉनमेबोल) ने अप्रैल 2025 में 2030 विश्व कप में 64 टीमों को शामिल करने का प्रस्ताव रखा था। फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो ने कहा है कि मौजूदा विश्व कप के बाद इस प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा। रविवार को न्यूयॉर्क में अर्जेंटीना और स्पेन के बीच फाइनल खेला जाएगा।
अगले विश्व कप (2030) की मेजबानी मुख्य रूप से स्पेन, पुर्तगाल और मोरक्को करेंगे जबकि टूर्नामेंट के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में शुरुआती तीन मुकाबले अर्जेंटीना, उरुग्वे और पराग्वे में खेले जाएंगे। पहला विश्व कप 1930 में उरुग्वे में आयोजित हुआ था। भूटिया ने एक विशेष बातचीत में कहा, ‘भारतीय फुटबॉल प्रशंसक के नजरिए से देखें तो ज्यादा टीमों का शामिल होना स्वागतयोग्य कदम है। मैं यह नहीं कह रहा कि भारत निश्चित रूप से क्वालिफाई करेगा, लेकिन 48 की जगह 64 टीमें होने पर भारत के पास विश्व कप में जगह बनाने का बेहतर मौका होगा।’
उन्होंने कहा, ‘टीमों की संख्या बढ़ने के बावजूद भारत को विश्व कप के सपने को पूरा करने के लिए अपनी फुटबॉल व्यवस्था, ढांचा और जमीनी स्तर पर खिलाड़ियों के विकास पर लगातार काम करना होगा। अधिक से अधिक बच्चों को फुटबॉल से जोड़ना होगा।’ उन्होंने कहा, ‘भारत को पहले अंडर-17 और अंडर-20 विश्व कप के लिए नियमित रूप से क्वालिफाई करने का लक्ष्य रखना चाहिए। इसके बाद ही सीनियर टीम विश्व कप में पहुंचने की वास्तविक उम्मीद कर सकती है। उज्बेकिस्तान और मोरक्को जैसे छोटे देश इसी मॉडल पर आगे बढ़े हैं और लगातार आयु वर्ग के विश्व कप में जगह बना रहे हैं।’
हालांकि उन्होंने यह भी कहा, ‘वैश्विक फुटबॉल और विश्व कप के रोमांच के लिहाज से 64 टीमों का टूर्नामेंट खेल की गुणवत्ता को निश्चित रूप से प्रभावित करेगा।’ भूटिया का मानना है कि भारतीय महिला फुटबॉल टीम पुरुष टीम की तुलना में विश्व कप के लिए पहले क्वालीफाई कर सकती है। 2031 महिला विश्व कप में टीमों की संख्या 32 से बढ़ाकर 48 की जाएगी। भारत की महिला टीम फिलहाल एशिया में 13वें और दुनिया में 69वें स्थान पर है, जबकि पुरुष टीम एशिया में 26वें और विश्व में 138वें स्थान पर है।
भूटिया ने कहा, ‘भारतीय महिला टीम के पास पुरुष टीम से बेहतर मौका है, लेकिन इसके लिए महिला फुटबॉल में निवेश और रुचि बढ़ानी होगी। ‘इंडियन विमेंस लीग (IWL)’ में अधिक टीमें हों, अलग-अलग आयु वर्ग की लीग शुरू हों और जमीनी स्तर पर बड़े पैमाने पर फुटबॉल कार्यक्रम चलाए जाएं।’ भूटिया ने इसके साथ ही भारतीय मूल के विदेशी खिलाड़ियों को राष्ट्रीय टीम में शामिल करने के विचार का भी समर्थन किया।