मेलबर्न : ओलिविया गाडेकी और जॉन पीयर्स 1989 के बाद ऑस्ट्रेलियाई ओपन टेनिस टूर्नामेंट में लगातार दूसरे साल मिश्रित युगल का खिताब जीतने वाली पहली जोड़ी बन गई है। वाइल्ड कार्ड से प्रवेश पाने वाली गाडेकी और पीयर्स की ऑस्ट्रेलियाई जोड़ी ने शुक्रवार को फाइनल में क्रिस्टीना म्लाडेनोविक और मैनुअल गिनार्ड की फ्रांसीसी जोड़ी को 4-6, 6-3, 10-8 से हराया।फाइनल सेट के टाईब्रेकर में गाडेकी और पीयर्स की जोड़ी 7-5 से पिछड़ गई, लेकिन इसके बाद उन्होंने शानदार वापसी की और 9-7 की बढ़त बना ली। मैच प्वाइंट पर गिनार्ड ने बैकहैंड शॉट नेट में मार दिया, जिससे रॉड लेवर एरिना में ऑस्ट्रेलिया की जोड़ी अपना खिताब बचाने में सफल रही। ऑस्ट्रेलियाई ओपन में इससे पहले जिम पुघ और याना नोवोत्ना ने 1988 और 1989 में लगातार खिताब जीते थे।
सबालेंका और रयबाकिना के बीच होगी खिताबी जंग
दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी एरिना सबालेंका शनिवार को यहां जब महिला एकल के फाइनल में एलिना रयबाकिना का सामना करने के लिए कोर्ट पर उतरेंगी तो वह 2023 की अपनी सफलता के बजाय पिछले साल विभिन्न प्रतियोगिताओं के फाइनल में मिली हार के सबक से प्रेरणा लेने की कोशिश करेगी। यह उन तीन अन्य ग्रैंड स्लैम फाइनल जैसा भी नहीं होगा जो सबालेंका ने जीते हैं, जिनमें यूएस ओपन में हाल ही में जीता गया फाइनल भी शामिल है। सबालेंका 2025 में पांच टूर्नामेंट के फाइनल में हार गई थी और वह उनसे मिली सीख को अपना मजबूत पक्ष बनाना चाहती है। सबालेंका ने कहा, ‘मैं जानती हूं कि उन सभी फाइनल मैच में क्या गलती हुई थी जिनमें मैं हारी। पिछले साल मुझे बहुत कुछ सीखने को मिला, खुद के बारे में बहुत कुछ सीखने को मिला और इस सत्र में ऐसा दोबारा नहीं होगा।’
अल्काराज पहली बार फाइनल में
स्पेन के कार्लोस अल्काराज ने पहली बार ऑस्ट्रेलियन ओपन के फाइनल में जगह बना ली है। उन्होंने जर्मनी के एलेक्जेंडर ज्वेरेव को पांच सेटों के रोमांचक मुकाबले में हराया। अल्काराज ने 5 घंटे 27 मिनट चले मुकाबले में 28 साल के जर्मन खिलाड़ी को 6-4, 7-6, 6-7, 6-7, 7-5 से मात दी। अब फाइनल में 6 बार के ग्रैंड स्लैम विजेता अल्काराज का सामना डिफेंडिंग चैंपियन जैनिक सिनर या 10 बार के ऑस्ट्रेलियन ओपन चैंपियन नोवाक जोकोविच में से किसी एक से होगा। जीत के बाद अल्काराज ने कहा, मैं हमेशा कहता हूं कि हालात चाहे जैसे भी हों, खुद पर भरोसा रखना बेहद जरूरी है। तीसरे सेट के बीच में मैं काफी संघर्ष कर रहा था और शारीरिक रूप से यह मेरे करियर के सबसे कठिन मुकाबलों में से एक था।