नयी दिल्ली : भारत के दिग्गज स्पिनर हरभजन सिंह का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी का बेखौफ आक्रामक बल्लेबाजी प्रदर्शन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बेजोड़ है और इस 15 वर्षीय बल्लेबाज को रोकने के लिए किसी भी गेंदबाज को आक्रामक रुख अपनाना होगा क्योंकि उसे बांधकर रखना कोई विकल्प नहीं है। हरभजन का मानना है कि कम उम्र और सीमित अनुभव के बावजूद सूर्यवंशी गेंदबाज के मन में संदेह पैदा करने की क्षमता रखते हैं। हरभजन ने एक साक्षात्कार में कहा, ‘वैभव सूर्यवंशी असाधारण हैं। वह एक अलग तरह का खिलाड़ी है। मैंने इससे पहले ऐसा खिलाड़ी नहीं देखा जो 14-15 साल की उम्र में ही दुनिया पर दबदबा बना सके।’ राजस्थान रॉयल्स की ओर से 2025 में 14 साल की उम्र में पदार्पण करने के साथ ही सूर्यवंशी IPL इतिहास के सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बने थे।
इसके कुछ ही समय बाद उन्होंने गुजरात टाइटंस के खिलाफ 35 गेंद में शतक जड़कर पुरुष T-20 क्रिकेट में सबसे कम उम्र में शतक लगाने का रिकॉर्ड बनाया। उनका शानदार सफर इस साल भी जारी रहा और वह 15 साल 99 दिन की उम्र में ओल्ड ट्रैफर्ड में इंग्लैंड के खिलाफ खेलकर भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय पदार्पण करने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बने। सूर्यवंशी ने अंडर-19 विश्व कप फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 80 गेंद में 175 रन की पारी खेली थी जो टूर्नामेंट के फाइनल के इतिहास का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर है। उन्हें टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया और भारत ने खिताब अपने नाम किया। इस साल के IPL में राजस्थान रॉयल्स के इस युवा बल्लेबाज ने दुनिया के शीर्ष तेज गेंदबाजों जसप्रीत बुमराह और पैट कमिंस की पहली ही गेंदों पर छक्के लगाकर उनका शानदार अंदाज में स्वागत किया था।
हरभजन ने कहा, ‘जब दुनिया के शीर्ष गेंदबाज उसे गेंदबाजी कर रहे होते हैं तो वे असल में यह सोच रहे होते हैं कि गेंद कहां डालनी है। यह अपने आप में बहुत बड़ी बात है।’ यह पूछे जाने पर कि ऐसे बल्लेबाज को कैसे गेंदबाजी की जाए जो गेंदबाज के नाम, मौके या क्षेत्ररक्षण से प्रभावित होने से इनकार करता हो, हरभजन ने कहा, 'बचे रहने का एकमात्र तरीका है कि उस पर आक्रमण करें। आप उस पर आक्रमण करें और उसका विकेट लें।’ उन्होंने कहा, ‘यह हर बार काम नहीं करेगा। कई बार आप बुरी तरह पिट भी सकते हैं। वह छक्के लगा सकता है। लेकिन यह खेल का हिस्सा है।
आपको स्वीकार करना होगा कि वह अच्छा खिलाड़ी है।’ पावरप्ले में सूर्यवंशी को गेंदबाजी करने की रणनीति के बारे में पूछे जाने पर इस पूर्व भारतीय स्पिनर ने कहा, ‘मैं उसके हिसाब से क्षेत्ररक्षण नहीं लगाऊंगा। मैं अपने हिसाब से क्षेत्ररक्षण लगाऊंगा। अगर मैं बचने के लिए गेंदबाजी करूंगा तो मैं उसे आउट नहीं कर पाऊंगा।’ उन्होंने कहा, ‘आप उसके खिलाफ आक्रमण करें और उसका विकेट लें। आपको सफलता मिल सकती है या नहीं भी मिल सकती। यह केवल समय की बात है। आपको स्वीकार करना होगा कि वह अच्छा है।’ हरभजन ने कहा, ‘लेकिन फिर भी अगली गेंद का मकसद उसे आउट करने का तरीका तलाशना होना चाहिए।’