सिलीगुड़ी के महाबीरस्थान रेलवे गेट को संभावित रूप से बंद किए जाने की आशंका ने स्थानीय व्यापारियों की चिंता बढ़ा दी है। व्यापारियों को डर है कि रेलवे गेट बंद होने से महाबीरस्थान और हॉकर्स कॉर्नर में आवागमन प्रभावित होगा। इससे बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही घटने के साथ छोटे दुकानदारों और हॉकर्स के कारोबार पर भी असर पड़ सकता है। इसी मुद्दे पर शुक्रवार को सिलीगुड़ी के विधायक और पश्चिम बंगाल के पर्यटन मंत्री शंकर घोष ने महाबीरस्थान रेलवे गेट इलाके का दौरा किया।
दौरे के दौरान मंत्री ने स्थानीय व्यापारियों और व्यापारी संगठनों के सदस्यों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। व्यापारियों ने आशंका जताई कि रास्ता बंद होने की स्थिति में बाजार तक पहुंचने में लोगों को परेशानी होगी, जिसका सीधा असर उनके कारोबार और आजीविका पर पड़ सकता है।
शंकर घोष ने बताया कि इस मुद्दे पर रेलवे अधिकारियों के साथ उनकी पहले भी मौखिक बातचीत हो चुकी है। इसके अलावा उन्होंने दार्जिलिंग के जिलाधिकारी, सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस के पुलिस आयुक्त और संबंधित रेलवे अधिकारियों से भी चर्चा की है।
मंत्री के अनुसार, शहर की नौ बाजार समितियों के सदस्यों की ओर से दिए गए सुझावों को भी ध्यान में रखा गया है। उन्होंने कहा कि व्यापारियों की चिंताओं और उनके सुझावों को शामिल करते हुए रेलवे अधिकारियों को लिखित रूप में अपना पक्ष और प्रस्ताव सौंपेंगे, ताकि इस मुद्दे पर आगे बातचीत की जा सके।
महाबीरस्थान और हॉकर्स कॉर्नर के व्यापारियों की नजर अब रेलवे के अगले कदम पर टिकी है। उन्हें उम्मीद है कि बाजारों में आवागमन और व्यापारिक गतिविधियों को प्रभावित किए बिना इस समस्या का समाधान निकाला जाएगा।