दार्जिलिंग के सांसद और सिक्किम के भाजपा प्रभारी राजू बिष्ट ने रिम्बी की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि लगातार मडफ्लो जारी है और कम से कम 30 घर बह गए हैं। उन्होंने स्थानीय प्रशासन को राहत, बचाव और लोगों की सुरक्षा में हरसंभव सहयोग देने के लिए सिक्किम भाजपा से कहा है। साथ ही लोगों से संवेदनशील इलाकों से दूर रहने और प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की।
सिलीगुड़ी : लगातार बारिश के बीच दार्जिलिंग से सिक्किम तक पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन ने चिंता बढ़ा दी है। शुक्रवार तड़के करीब साढ़े तीन बजे तकदह ग्रामीण अस्पताल के ऊपर अचानक भूस्खलन होने से मलबा और बड़े पत्थर अस्पताल परिसर में आ गिरे। हादसे के दौरान वहां मौजूद छह लोग इसकी चपेट में आ गए। पांच लोग किसी तरह बाहर निकल आए, जबकि एक मरीज का परिजन मलबे में दब गया। राहत-बचाव दल ने उसे निकालकर दार्जिलिंग जिला अस्पताल भेजा।
भूस्खलन से अस्पताल भवन का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है। घटना के बाद मरीजों और परिजनों में दहशत फैल गई। सुरक्षा को देखते हुए अस्पताल में भर्ती अन्य मरीजों को दार्जिलिंग जिला अस्पताल स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत का काम भी कराया जा रहा है। दार्जिलिंग के अन्य पहाड़ी इलाकों में भी जमीन धंसने और सड़कों पर मलबा आने की घटनाएं सामने आई हैं।
रिम्बी में 30 से अधिक घर प्रभावित
उधर, सिक्किम के पश्चिमी हिस्से में रिम्बी गांव में गुरुवार रात भारी भूस्खलन ने कई घरों और सरकारी आवासों को प्रभावित किया। ताजा रिपोर्टों के अनुसार 30 से अधिक घर प्रभावित हुए हैं। कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। रिम्बी-युक्सम और रिम्बी-खेचेओपालरी सड़कें भी मलबे से प्रभावित हुई हैं। अधिकारियों के अनुसार अब तक किसी जनहानि की सूचना नहीं है।
सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने और प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी के निर्देश दिए हैं। उन्होंने लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की है।
दार्जिलिंग के सांसद और सिक्किम के भाजपा प्रभारी राजू बिष्ट ने रिम्बी की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि लगातार मडफ्लो जारी है और कम से कम 30 घर बह गए हैं। उन्होंने स्थानीय प्रशासन को राहत, बचाव और लोगों की सुरक्षा में हरसंभव सहयोग देने के लिए सिक्किम भाजपा से कहा है। साथ ही लोगों से संवेदनशील इलाकों से दूर रहने और प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की।
सिलीगुड़ी : लगातार बारिश के बीच दार्जिलिंग से सिक्किम तक पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन ने चिंता बढ़ा दी है। शुक्रवार तड़के करीब साढ़े तीन बजे तकदह ग्रामीण अस्पताल के ऊपर अचानक भूस्खलन होने से मलबा और बड़े पत्थर अस्पताल परिसर में आ गिरे। हादसे के दौरान वहां मौजूद छह लोग इसकी चपेट में आ गए। पांच लोग किसी तरह बाहर निकल आए, जबकि एक मरीज का परिजन मलबे में दब गया। राहत-बचाव दल ने उसे निकालकर दार्जिलिंग जिला अस्पताल भेजा।
भूस्खलन से अस्पताल भवन का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है। घटना के बाद मरीजों और परिजनों में दहशत फैल गई। सुरक्षा को देखते हुए अस्पताल में भर्ती अन्य मरीजों को दार्जिलिंग जिला अस्पताल स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत का काम भी कराया जा रहा है। दार्जिलिंग के अन्य पहाड़ी इलाकों में भी जमीन धंसने और सड़कों पर मलबा आने की घटनाएं सामने आई हैं।
रिम्बी में 30 से अधिक घर प्रभावित
उधर, सिक्किम के पश्चिमी हिस्से में रिम्बी गांव में गुरुवार रात भारी भूस्खलन ने कई घरों और सरकारी आवासों को प्रभावित किया। ताजा रिपोर्टों के अनुसार 30 से अधिक घर प्रभावित हुए हैं। कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। रिम्बी-युक्सम और रिम्बी-खेचेओपालरी सड़कें भी मलबे से प्रभावित हुई हैं। अधिकारियों के अनुसार अब तक किसी जनहानि की सूचना नहीं है।
सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने और प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी के निर्देश दिए हैं। उन्होंने लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की है।
दार्जिलिंग के सांसद और सिक्किम के भाजपा प्रभारी राजू बिष्ट ने रिम्बी की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि लगातार मडफ्लो जारी है और कम से कम 30 घर बह गए हैं। उन्होंने स्थानीय प्रशासन को राहत, बचाव और लोगों की सुरक्षा में हरसंभव सहयोग देने के लिए सिक्किम भाजपा से कहा है। साथ ही लोगों से संवेदनशील इलाकों से दूर रहने और प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की।