नागराकाटा: अब तक चाय बागानों के इतिहास में आम तौर पर यही देखा गया है कि, बागान प्रबंधन ही श्रमिकों के खिलाफ लॉकआउट या वर्क सस्पेंशन नोटिस जारी करता है। लेकिन इस बार पूरी तरह उलटा दृश्य देखने को मिला है। डुआर्स के मेटेली ब्लॉक स्थित किलकोट चाय बागान में बकाया मजदूरी और अन्य देय भुगतान नहीं मिलने पर श्रमिकों ने स्वयं काम बंद कर दिया।श्रमिकों ने संचालन कर रही कंपनी का नाम साइनबोर्ड से मिटा दिया और कार्यविरति शुरू कर दी। श्रमिकों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक कोई नई कंपनी चाय बागान के संचालन की जिम्मेदारी नहीं लेती, तब तक वे काम पर नहीं जाएंगे। इस कदम के साथ ही श्रमिकों ने व्यवहारिक रूप से चाय बागान को बंद घोषित कर दिया है। इतना ही नहीं, श्रमिकों ने आगामी 26 जनवरी, गणतंत्र दिवस के दिन चाय बागान से पदयात्रा कर सिलीगुड़ी स्थित संयुक्त श्रम आयुक्त के कार्यालय तक अभियान चलाने की घोषणा की है।
बुधवार को किलकोट चाय बागान में इस घटना के दौरान श्रमिकों ने “राम नाम सत्य है” के नारे लगाते हुए वर्तमान प्रबंधन कंपनी का साइनबोर्ड मिटा दिया।
चाय बागान के श्रमिक नेता रामचंद्र प्रोजा ने बताया कि लगभग एक महीने की मजदूरी बकाया है। मजदूरी का भुगतान 9 जनवरी को किया जाना था, लेकिन प्रबंधन लगातार टालमटोल कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि श्रमिकों की मजदूरी से भविष्य निधि की राशि काटी जा रही है, लेकिन वह राशि संबंधित विभाग में जमा नहीं की जा रही। इसके अलावा सेवानिवृत्त श्रमिकों की लगभग एक करोड़ रुपये की ग्रेच्युटी भी बकाया है, जिसे कंपनी देने में पूरी तरह विफल रही है।