गुस्साई भीड़ व वन विभागीय के कर्मी  
सिलीगुड़ी

बक्सा टाइगर रिजर्व की जंगल में महिलाओं पर फायरिंग

कालचीनी : बक्सा टाइगर रिजर्व के जंगल में वन बस्ती की महिलाओं पर फायरिंग के आरोप सनसनीखेज मामला सामने आया है। शुक्रवार की यह घटना बक्सा टाइगर रिज़र्व के शांतलाबाड़ी रेंज अंतर्गत आट्ठारह बस्ती इलाके की है। आरोप है कि जंगल से लौट रही तीन महिलाओं को निशाना बनाकर अचानक फायरिंग की गई। हालांकि गोली एक पेड़ में जा लगी, जिससे महिलाएं बाल-बाल बच गईं। इस घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने वन विभाग यह कार्यालय में जमकर हंगामा किया, आरोप है कि आक्रोशित लोगों ने बिट ऑफिस में घुसकर बिट ऑफिसर और एक वनकर्मी की पिटाई कर दी, जिससे दोनों घायल भी हो गए। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, आट्ठारह बस्ती की तीन महिलाएं जंगल में अपने पालतू बकरियों को लाने और जलावन लकड़ी इकट्ठा करने गई थीं। लौटते समय आट्ठारह बस्ती बिट ऑफिस के एक कर्मचारी ने कथित तौर पर उनकी ओर गोली चला दी। आरोप है कि उस समय बिट ऑफिसर भी मौके पर मौजूद थे। अचानक हुई इस फायरिंग से घबराई महिलाएं किसी तरह जान बचाकर गांव लौट आईं और पूरी घटना ग्रामीणों को बताई। घटना की खबर फैलते ही गांव में आक्रोश फैल गया।

बड़ी संख्या में ग्रामीण, जिनमें अधिकतर महिलाएं थीं, बिट ऑफिस के सामने जमा हो गए। आरोप है कि ग्रामीणों ने ऑफिस में घुसकर बिट ऑफिसर और वनकर्मी को पकड़ लिया और उनकी पिटाई कर दी। साथ ही ऑफिस में तोड़फोड़ भी की गई। सूचना मिलने पर बक्सा टाइगर प्रोजेक्ट के वरिष्ठ अधिकारी और कालचीनी थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। घायल वनकर्मियों को तत्काल नजदीकी अस्पताल भेजा गया। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल है और पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है। इधर, जंगल में घटनाक्रम में दौरान मौजूद महिलाओं में से एक आरती लामा के पति शंभु लामा ने आरोप लगाया, “मेरी पत्नी घर से मात्र 200 मीटर दूर बकरी लाने गई थी। बिना कुछ कहे उसकी ओर गोली चलाई गई और महिलाओं के साथ बदसलूकी भी हुई।” ग्रामीणों ने इस घटना को लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की चेतावनी दी है।

हालांकि बक्सा टाइगर प्रोजेक्ट के वन अधिकारियों ने आरोपों से इनकार किया है। डीएफडी (पूर्व) देबाशीष शर्मा ने कहा, “जंगल में गश्त के दौरान कई बार हाथी या अन्य जंगली जानवरों की आवाज आती है, लेकिन झाड़ियों के कारण वे दिखाई नहीं देते। ऐसे में डराने के लिए ‘ब्लैक फायर’ किया जाता है। उसी तरह की फायरिंग की गई थी, किसी ग्रामीण को निशाना नहीं बनाया गया।” वनकर्मियों की पिटाई को लेकर उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है और विभाग इस मामले में कानूनी कार्रवाई करेगा। गोली चलने और भीड़ की हिंसा दोनों घटनाओं को लेकर क्षेत्र में तनाव बरकरार है।

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