नागराकाटा : बानरहाट ब्लॉक के कटहल गुड़ी चाय बागान में गुरुवार तड़के करीब 3 बजे एक जंगली हाथी के बस्ती में घुस आने से अफरा-तफरी मच गई। हाथी ने एक घर की दीवार तोड़ दी, जिससे घर में सो रही मां-बेटी घायल हो गईं। घटना में एक बकरी की भी मौत हो गई। इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्र और सुस्वास्थ्य केंद्र को भी नुकसान पहुंचा है।
घटना कटहल गुड़ी चाय बागान के गोदाम लाइन इलाके की है। घटना के समय 75 वर्षीय फुलु महली और उनकी 48 वर्षीय बेटी दुर्गी महली घर के अंदर सो रही थीं। हाथी के घर की दीवार तोड़ने की आवाज सुनकर दोनों की नींद खुल गई। इसी दौरान घर से बाहर निकलने की कोशिश करते समय दीवार गिरने से निकली ईंटों की चपेट में आकर दोनों घायल हो गईं।
फुलु महली का हाथ टूट गया है, जबकि दुर्गी महली के सिर में चोट लगी है। घटना के बाद दोनों को तत्काल बानरहाट अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए मालबाजार सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल रेफर कर दिया।
घायल फुलु महली और दुर्गी महली, संचारिया महली की सास और ननद हैं। संचारिया महली ने बताया कि घटना के बाद परिवार में चिंता का माहौल है। उन्होंने दोनों के इलाज की व्यवस्था के साथ हाथी के हमले में क्षतिग्रस्त हुए घर के लिए आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की मांग प्रशासन से की है।
हाथी द्वारा घर में तोड़फोड़ किए जाने के दौरान घर के अंदर बंधी एक बकरी भी ईंटों के नीचे दब गई, जिससे उसकी मौत हो गई।
इधर, हाथी ने आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 259 को भी नुकसान पहुंचाया। केंद्र के स्टोर रूम में रखा दो बोरा चावल, 15 किलो दाल और पांच किलो तेल नष्ट हो गया। इसके अलावा पास स्थित सुस्वास्थ्य केंद्र की दो खिड़कियां भी क्षतिग्रस्त हो गईं।
स्थानीय निवासी अमित महली ने घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि रात के समय बस्ती में जंगली हाथियों के प्रवेश से लोगों की जान पर खतरा बना रहता है। उन्होंने वन विभाग से हाथियों के आवागमन वाले इलाकों में निगरानी बढ़ाने और स्थानीय लोगों की सुरक्षा के लिए प्रभावी व्यवस्था करने की मांग की।
घटना के बाद वन विभाग ने प्रभावित परिवार को आवश्यक सहायता देने का आश्वासन दिया है। विभाग की ओर से घायल दोनों महिलाओं के उपचार का खर्च वहन करने तथा हाथी के हमले से हुए नुकसान का आकलन कर सरकारी नियमों के अनुसार मुआवजा देने की बात कही गई है।
घटना के बाद कटहल गुड़ी चाय बागान क्षेत्र में भय का माहौल है। स्थानीय लोगों ने बस्ती में जंगली हाथियों के प्रवेश को रोकने के लिए दीर्घकालीन व्यवस्था करने, रात के समय निगरानी बढ़ाने और प्रभावित परिवार को शीघ्र राहत उपलब्ध कराने की मांग वन विभाग एवं प्रशासन से की है।