*शुभेंदु उवाच*
-एक अर्से से बक्सा टाइगर रिजर्व का नाम तो टाइगर रिजर्व रहा लेकिन यहां बाघों की मौजूदगी ही नहीं रही, अब बाघ पुनर्वास कार्यक्रम के माध्यम से बक्सा के जंगल में फिर से बाघों की मौजूदगी सुनिश्चित की जा रही है
-बक्सा की प्राकृतिक संपदा और वन्यजीवों को केंद्र में रखकर अलीपुरदुआर जिला को विश्वस्तरीय फॉरेस्ट डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाएगा
-गत कई चुनावों में अलीपुरदुआर ने भाजपा का भरपूर समर्थन किया है, अब भाजपा की डबल इंजन सरकार विकास कार्यों के माध्यम से अलीपुरदुआर के लोगों का ऋण चुकाएगी
-जिले में लंबे समय से बंद पड़े चाय बागानों को धीरे-धीरे खोलने की व्यवस्था की जा रही है, चाय श्रमिकों के कल्याण कार्यों के लिए केंद्र से 312 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत कराई गई है
-जनजातीय परिवारों के लिए घर, शौचालय, विशेष राशन किट व अन्य आधारभूत संरचनाओं की व्यवस्था की जाएगी, 15 नवंबर को जनजाति गौरव दिवस पर मैं स्वयं टोटो पाड़ा आऊंगा
-अलीपुरदुआर विश्वविद्यालय का भी होगा कायाकल्प, जयगांव डेवलपमेंट बोर्ड और अलीपुरदुआर नगरपालिका के माध्यम से भी विकास कार्यों को देंगे गति
सन्मार्ग संवाददाता,
अलीपुरदुआर : पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा है कि, हमारी सरकार बातें कम, काम ज़्यादा करती है। आज बक्सा के जंगल में रॉयल बंगाल टाइगरेस (बाघिन) को सफलतापूर्वक छोड़ा गया है। उसे यहां तक लाने में सहयोग के लिए हम बिहार सरकार का भी धन्यवाद करते हैं। बक्सा जंगल में बाघों की संख्या बढ़ाने की दिशा में आगे भी काम किया जाएगा। अगले दो महीनों के भीतर तीन और बाघ यहां लाए जाने की योजना है। वह शुक्रवार को बक्सा टाइगर रिजर्व के जंगल में टाइगर रिलीज कार्यक्रम के उपलक्ष्य में अलीपुरदुआर के परेड ग्राउंड में आयोजित विशाल प्रशासनिक जनसभा को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने आगे कहा कि, एक अर्से से बक्सा टाइगर रिजर्व का नाम तो टाइगर रिजर्व रहा, लेकिन यहां बाघों की मौजूदगी ही नहीं रही। अब बाघ पुनर्वास कार्यक्रम के माध्यम से बक्सा के जंगल में फिर से बाघों की मौजूदगी सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस कदम उठाया जा रहा है। बक्सा जंगल और पूरे डुआर्स की प्राकृतिक सुंदरता को दुनिया के सामने लाने की जरूरत है। बक्सा की प्राकृतिक संपदा और वन्यजीवों को केंद्र में रखकर अलीपुरदुआर जिला को विश्वस्तरीय फॉरेस्ट डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां देश-विदेश से पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए पर्यटन ढांचे को मजबूत किया जाएगा। पर्यटन के विकास से स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य की पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि, पूर्व में अलीपुरदुआर के जंगलों और प्राकृतिक संसाधनों को नुकसान पहुंचाया गया। वन क्षेत्र, वन्यजीव और नदियों से बालू-पत्थर खनन को लेकर अनियमितताएं हुईं। मगर, अब वैसा नहीं होगा। हमारी सरकार की नीति ‘बातें कम, काम ज्यादा’ की है। गत कई चुनावों में अलीपुरदुआर जिला क्षेत्र ने भाजपा का भरपूर समर्थन किया है। अब भाजपा की डबल इंजन सरकार विकास कार्यों के माध्यम से अलीपुरदुआर के लोगों का ऋण चुकाएगी।
चाय बागानों की समस्या का भी मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि, जिले में लंबे समय से बंद पड़े चाय बागानों को धीरे-धीरे खोलने की व्यवस्था की जा रही है। चाय श्रमिकों के कल्याण कार्यों के लिए केंद्र से 312 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत कराई गई है।सरकार चाय श्रमिकों की समस्याओं को दूर करने के लिए लगातार काम कर रही है।
वहीं, जनजातीय समुदाय को लेकर भी मुख्यमंत्री ने कई घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि जनजातीय परिवारों के लिए विशेष राशन किट की व्यवस्था की जाएगी। आगामी 15 नवंबर को जनजाति गौरव दिवस के अवसर पर वह टोटोपाड़ा आएंगे। उन्होंने कहा कि, टोटो पाड़ा में लोगों को घर, शौचालय और अन्य तमाम आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने जयगांव डेवलपमेंट बोर्ड और अलीपुरदुआर नगरपालिका के माध्यम से भी विकास कार्यों को गति देने की बात कही। सड़क, बुनियादी ढांचे और स्थानीय विकास से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया। उन्होंने अलीपुरदुआर विश्वविद्यालय के विकास और विस्तार की जरूरत पर भी जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि, स्वच्छ प्रशासन के माध्यम से सरकारी योजनाओं और सुविधाओं को सीधे आम लोगों तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अलीपुरदुआर के विकास को केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि योजनाओं को जमीन पर उतारने का प्रयास किया जाएगा।
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