सिलीगुड़ी : उत्तर बंगाल के चाय श्रमिकों को इस बार भी 20 प्रतिशत पूजा बोनस मिलेगा। श्रम विभाग ने सोमवार को इस संबंध में एडवाइजरी जारी करते हुए चाय बागान प्रबंधन को 5 अक्टूबर तक बोनस का भुगतान करने का निर्देश दिया है। पिछले वर्ष कई चाय बागानों में सरकारी एडवाइजरी के बावजूद पूरा बोनस समय पर नहीं मिलने की शिकायत सामने आई थी। इसे देखते हुए श्रमिक संगठनों ने इस बार भुगतान की निगरानी की मांग की है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार दार्जिलिंग के पहाड़ी क्षेत्र, तराई और डुआर्स में करीब 275 चाय बागान हैं, जहां तीन लाख से अधिक श्रमिक काम करते हैं। बोनस की दर आम तौर पर श्रमिक संगठनों और चाय बागान मालिकों के बीच द्विपक्षीय बैठक में तय होती है। हालांकि, इस बार बैठक से पहले ही श्रम विभाग ने 20 प्रतिशत बोनस देने संबंधी एडवाइजरी जारी कर दी है। एडवाइजरी पर उत्तर बंगाल जोन के अतिरिक्त श्रम आयुक्त अमल मजूमदार के हस्ताक्षर हैं।
विवाद से बचने की कोशिश
अलीपुरद्वार के भाजपा सांसद और बीटीडब्ल्यूयू के अध्यक्ष मनोज तिग्गा ने कहा कि बोनस को लेकर चाय उद्योग में किसी तरह का विवाद या अशांति नहीं होनी चाहिए। उनका कहना है कि पहले ही बोनस की दर घोषित होने से इस मुद्दे पर अनावश्यक विवाद की स्थिति नहीं बनेगी।
पिछले बोनस का बकाया भी मुद्दा
दूसरी ओर, कई चाय बागान आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। कुछ बागान पिछले वर्ष का पूरा बोनस भी नहीं चुका पाए हैं। मदारीहाट के जय बीरपाड़ा, हंतापाड़ा और डिमडिमा चाय बागान के श्रमिक पिछले साल के बकाये 10 प्रतिशत बोनस की मांग को लेकर विरोध कर चुके हैं।
तृणमूल कांग्रेस चाय बागान श्रमिक संगठन के दार्जिलिंग जिला (समतल) महासचिव निर्जल दे ने कहा कि पिछले वर्ष कुछ बागान मालिकों ने एडवाइजरी का पालन नहीं किया था। इस बार सरकार को भुगतान सुनिश्चित करने के साथ बोनस किस्तों के बजाय एकमुश्त दिलाने की व्यवस्था करनी चाहिए।