सन्मार्ग संवाददाता, कर्सियांग : दार्जिलिंग पहाड़ के कर्सियांग में विभिन्न स्थानीय ट्रांसपोर्ट सिंडिकेट के चालकों और सदस्यों ने मारवाड़ी पुस्तकालय भवन में बैठक कर पुलिस प्रशासन के कथित निर्देश पर चिंता जताई। चालकों के अनुसार, सड़कों पर सिंडिकेट के वाहनों को खड़ा नहीं करने के निर्देश से उनकी आजीविका प्रभावित होने की आशंका है। बैठक में मौजूदा स्थिति और आगे की रणनीति पर चर्चा की गई।
बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रांसपोर्ट सिंडिकेट के चालक सदस्य बीरेन थापा, अर्जुन लामा और धीरेन खाती ने बताया कि शनिवार को कर्सियांग पुलिस प्रशासन ने विभिन्न सिंडिकेट के चालकों और सदस्यों के साथ बैठक की थी। उनके मुताबिक, महकमा पुलिस अधिकारी हरदीप ने 25 अक्टूबर से सड़कों पर सिंडिकेट के वाहन खड़े नहीं करने का निर्देश दिया था। चालकों ने दावा किया कि निर्देश के अनुपालन में रविवार को शहर की सड़कों पर सिंडिकेट के वाहन खड़े नहीं किए गए।
चालकों ने कहा कि वे वर्षों से वाहन चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते आ रहे हैं। ऐसे में उचित वाहन स्टैंड की व्यवस्था किए बिना सड़कों पर वाहन खड़े करने पर रोक लगाने से उनकी रोजी-रोटी पर असर पड़ सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि शहर में दशकों से विभिन्न राजनीतिक दल सत्ता में आते-जाते रहे हैं, लेकिन ट्रांसपोर्ट चालकों के लिए अब तक व्यवस्थित वाहन स्टैंड की व्यवस्था नहीं की गई।
चालकों के अनुसार, पुलिस प्रशासन का कहना है कि सिंडिकेट के वाहनों से पर्यटक वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती है और यातायात व्यवस्था बाधित होती है। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि बाजार क्षेत्र में बाहर से आने वाले वाहनों के कारण भी जाम की समस्या उत्पन्न होती है। ऐसे में केवल स्थानीय सिंडिकेट के चालकों को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है।
बैठक में आगे की रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया। चालकों ने कहा कि आवश्यक निर्णय लेने के बाद इसकी जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। उन्होंने आम जनता से भी सहयोग की अपील की।
उल्लेखनीय है कि शनिवार को एसडीपीओ के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कर्सियांग शहर की विभिन्न सड़कों का निरीक्षण किया था। पुलिस प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य बाजार क्षेत्र में यातायात सुचारु करना तथा पैदल यात्रियों और आम लोगों के लिए सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करना बताया गया है।