बंद पड़ा रुहिया-रामपुर उर्दू मीडियम जूनियर हाई स्कूल 
सिलीगुड़ी

उर्दू मीडियम जूनियर हाई स्कूल लगभग एक दशक से बंद

इस्लामपुर: एक स्कूल जो कभी विद्यार्थियों के लिए था, अब फसल और जलावन रखने के लिए इस्तेमाल हो रहा है। इस्लामपुर ब्लॉक के गैसल-2 ग्राम पंचायत के रामपुर में मौजूद रुहिया-रामपुर उर्दू मीडियम जूनियर हाई स्कूल लगभग एक दशक से बंद है। इस वजह से करीब दस गांवों के विद्यार्थी पढ़ाई लिखाई से दूर हो रहे हैं। शुरुआत में लेफ्ट के समय बने इस स्कूल में एक रिटायर्ड शिक्षक को पार्ट-टाइम शिक्षक के तौर पर रखा गया था। लेकिन उनके जाने के बाद 2016 में स्कूल पूरी तरह से बंद हो गया। अभी आरोप है कि क्लासरूम, टॉयलेट और यहां तक कि मिड-डे मील के किचन में भी फसल और जलावन स्टोक किया जा रहा है। पता चला है कि यह स्कूल रामपुर, मिलिक बस्ती, गोग बस्ती, मोरुआ गांव समेत कम से कम 10 गांवों के बच्चों के लिए इकलौती उम्मीद था। स्कूल बंद होने की वजह से कई विद्यार्थी को अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ रही है। जो किसी तरह अपनी पढ़ाई जारी रख भी रहे हैं, उन्हें 4 से 5 किलोमीटर दूर कलानागिन जूनियर हाई स्कूल या धनतला हाई स्कूल जाना पड़ रहा है। स्थानीय रहने वाली अख्तरी बेगम ने कहा, अगर उनके घर के पास स्कूल होता, तो उन्हें 3-4 किलोमीटर दूर नहीं जाना पड़ता। हम चाहते हैं कि प्रशासन इस स्कूल को बहुत जल्द फिर से खोल दे, ताकि आसपास के ग्रामीण इलाके के बच्चे अपनी शिक्षा फिर से हासिल कर सके,स्थानीय रहने वाले नज़रुल ने कहा कि स्कूल जल्द खुल जाना चाहिए ताकि गांव के बच्चे पढ़ सकें।

अगर स्कूल खुल जाए तो बहुत अच्छा होगा। स्थानीय सीपीआईएम नेता शमीखान ने कहा यह स्कूल माकपा के समय में बनी थी, स्कूल दो शिक्षक को लेकर शुरू की गई थी। शिक्षक रिटायर होने के बाद और कोई शिक्षक बहाल नहीं किया गया, तृणमूल की अमल में 8207 स्कूल पश्चिम बंगाल में बंद हुई है। तो शिक्षक बहाल कहा से करेंगे, तृणमूल कांग्रेस के माइनोरिटी सेल के जिला सभापति जावेद अख़्तर ने कहा स्कूल के लिए एक कमिटी बनाई गई थी, अब तक ऑर्गनाइज वाले कोई ऑफिशियल डॉकोमेंट स्कूल कमीशन, डीपीएससी,या CI के पास जमा नहीं है, इसके लिए स्कूल कमिटी को पेपर वर्क देखना होगा। स्कूल कमेटी को जो भी सहयोग की जरूरत है उसके लिए हम सभी है, जो भी सहयोग लगेगा हमारे तृणमूल कांग्रेस के तरफ से पूरी सहयोग की जाएगी।

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