कालचीनी: एक ओर पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, वहीं अलीपुरदुआर जिले के कालचीनी और हैमिल्टनगंज में सड़क किनारे पेड़ों की कटाई को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि सड़क किनारे झाड़ियों और खरपतवार की सफाई के नाम पर कई वर्षों पुराने पेड़ों को काट दिया गया। घटना से पर्यावरणप्रेमियों और विद्यार्थियों में नाराजगी है। मामले को लेकर पर्यावरणप्रेमी और स्कूली विद्यार्थियों ने कालचीनी प्रखंड प्रशासन से शिकायत की है। उन्होंने प्रशासन के माध्यम से राज्य के वन मंत्री और मुख्यमंत्री को भी लिखित शिकायत भेजकर मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की। स्थानीय लोगों के अनुसार, कालचीनी ब्लॉक कार्यालय के पास राज्य राजमार्ग, हैमिल्टनगंज की तुरी लाइन सड़क सहित आसपास की कई सड़कों के किनारे पेड़ काटे गए हैं। इनमें पलाश और शिमुल जैसे पेड़ भी शामिल हैं। हालांकि, पेड़ किसके निर्देश पर और किस उद्देश्य से काटे गए, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। कालचीनी नंबर-3 टीजी प्राइमरी स्कूल के प्रधान शिक्षक एवं पर्यावरणप्रेमी घनश्याम खन्ना ने कहा कि एक ओर लोगों को अधिक से अधिक पेड़ लगाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, वहीं वर्षों पुराने पेड़ों की कटाई का कारण स्पष्ट होना चाहिए। उन्होंने मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। हैमिल्टनगंज हाईस्कूल के शिक्षक एवं पर्यावरणप्रेमी अभिषेक सरकार ने कहा कि स्थानीय लोगों और विभिन्न संगठनों ने वर्षों से सड़क किनारे पौधे लगाए थे। पेड़ बड़े होने के बाद राहगीरों को धूप से राहत मिलती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि बीडीओ कार्यालय के पास करीब 10 पेड़ अचानक काट दिए गए। भाजपा नेता आलोक मित्र ने भी पेड़ों की कटाई का विरोध करते हुए प्रशासन से जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि पर्यावरण की रक्षा सभी की जिम्मेदारी है और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई होनी चाहिए।