कचरे के ढेर और जल जमाव से गुजरते लोग  
सिलीगुड़ी

रेगुलेटेड मार्केट के व्यापारी और मजदूर एसएमसी के कार्य से असंतुष्ट

सिलीगुड़ी: दो दिन क्या बारिश हुई रेगुलेटेड मार्केट का दृश्य भयावह बन गया | उत्तर बंगाल के सबसे बड़े थोक बाजार की हालत इतनी दयनीय हो गई है कि अब वहां के व्यापारी और मजदूर भी एसएमसी और व्यवसायी समिति के खिलाफ आक्रोशित हो गए हैं |

मजदूरों ने गुस्सा जाहिर करते हुए बताया कि, इतने बड़े रेगुलेटेड मार्केट में एसएमसी की ओर से एक जेसीबी एक कचरे की गाड़ी और कुछ मजदूर सफाई करने रविवार के दिन आते हैं और सफाई भी सिर्फ मार्केट के सामने वाले हिस्सों में किया जाता हैं और पीछे के हिस्सों में वे जाते तक नहीं | इसलिए मार्केट के कुछ हिस्सों में कचरे का अंबार बन गया है नालियों की हालत तो पहले से भी बदतर हो गई है | मार्केट के चारों तरफ बदबू फैली हुई है |

नालियों से जल निकासी की व्यवस्था नहीं है और अब नालियों का पानी सड़क पर भी निकल रहा है | इन सभी समस्याओं को लेकर एसएमसी और व्यवसाय समिति को कुछ ठोस कदम उठाने चाहिए | यदि समय रहते ही जरूरी उपाय नहीं किए गए तो आने वाले दिनों में और भी भयावह स्थिति बन जाएगी |

रेगुलेटेड मार्केट व्यवसायी समिति के सेक्रेटरी अनुपम मैत्रा ने बताया था कि एसएमसी को 3 लाख 96 हजार हर महीने साफ सफाई के लिए दिए जाते हैं लेकिन फिर भी मार्केट की हालत अभी तक नहीं सुधरी है | मार्केट में जल निकासी की व्यवस्था नहीं है और उन्होंने यह भी बताया था कि, 3 करोड़ 36 लाख एक प्रोजेक्ट को लेकर एसएमसी से संपर्क किया जा रहा है | उन्होंने भी शिकायत की थी कि हर महीने 3 लाख 96 हजार देने के बावजूद एसएमसी के कार्य से निराश है |

रेगुलेटेड मार्केट में बढ़ती समस्याओं को लेकर उमाशंकर लेबर सेक्रेटरी ने बताया कि यहां काम करना असहनीय हो गया है | जिस तरह के हालात बन रहे है शायद कुछ समय के बाद रेगुलेटेड मार्केट अपने पूरे अस्तित्व को ही खो देगा | एक समय शायद ऐसा भी आयेगा जब व्यापारी ही यहां आना बंद कर देंगे | पार्किंग की समस्या तो दिन पर दिन बढ़ती जा रही है ऐसे में यदि कोई अप्रिय घटना घटित हो जाए तो एंबुलेंस और दमकल की गाड़ियों को घटनास्थल तक पहुंचने में काफी समय लग जाएंगे |

विनोद यादव जो एक मजदूर है उन्होंने बताया कि मैं लगातार इसी कीचड़ में खड़े होकर काम करता हूं, जिसके कारण मेरी तबीयत खराब हो रही है पांव में संक्रमण हो गए हैं और वह ठीक नहीं हो रहे हैं | यहां काम करने वाले ज्यादातर मजदूरों के पांव में संक्रमण हो गए हैं | एक व्यापारी शत्रुघ्न पासवान ने कहा कि अब यहां काम करने वालों की आदत हो चुकी है गंदगी में रहने की | बाजार समिति हो या एसएमसी हो कोई यहां काम करने वालों मजदूरों के बारे में नहीं सोचता है | रेगुलेटेड मार्केट में चारों तरफ फैला कचरा , गंदी नालियां और असहनीय दुर्गंध यह बड़ी बिमारियों को भी न्योता दे रहा है | व्यापारियों और मजदूरों का कहना है | यदि व्यवसायी समिति ने साफ -सफाई के लिए एसएमसी को लाखों रूपये दिए है तो उन्हें भी एसएमसी द्वारा किये जा रहे कार्यों पर नजर रखनी चाहिए |

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