सिलीगुड़ी : इस महीने सांस्कृतिक रंगों से सराबोर होने वाला है अलीपुरद्वार , क्योंकि दुक्पा लिविंग हेरिटेज फेस्टिवल 28 से 30 तारीख तक जिले में आयोजित किया जाएगा। हिमालयी संस्कृति, भूटानी परंपराओं और दुक्पा समुदाय की समृद्ध विरासत को समर्पित यह तीन दिवसीय महोत्सव उत्तर बंगाल के सांस्कृतिक कैलेंडर का प्रमुख आकर्षण माना जा रहा है।
इस फेस्टिवल में भूटान के पारंपरिक नृत्यों, धार्मिक अनुष्ठानों, लोक–संगीत और पहाड़ी वाद्यों की मनमोहक प्रस्तुतियाँ दर्शकों को देखने को मिलेंगी। आयोजकों के अनुसार, दुक्पा समुदाय भारत–भूटान के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है, और यह उत्सव उसी विरासत को जीवंत रूप में प्रस्तुत करेगा। कार्यक्रम स्थल पर भूटानी हस्तशिल्प, पारंपरिक वेशभूषा, और स्थानीय व्यंजनों की विशेष प्रदर्शनी लगाई जाएगी, जिससे पर्यटक और स्थानीय लोग दुक्पा जीवन शैली को समझ सकेंगे।
इसके साथ ही हिमालयी पर्यावरण संरक्षण, जैव–विविधता और पारंपरिक ज्ञान को बढ़ावा देने के लिए भी कई जागरूकता सत्र आयोजित किए जाएंगे। जिला प्रशासन का मानना है कि इस आयोजन से अलीपुरद्वार और आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन को नया प्रोत्साहन मिलेगा और सीमावर्ती सांस्कृतिक आदान–प्रदान को और मजबूती मिलेगी। भारत और भूटान के कलाकारों तथा साधकों की संयुक्त भागीदारी इस उत्सव को और भी विशेष बनाती है।
दुक्पा लिविंग हेरिटेज फेस्टिवल न केवल एक सांस्कृतिक उत्सव होगा, बल्कि भारत–भूटान मैत्री का प्रतीक भी बनकर उभरेगा।