गंगटोक: सिक्किम विधानसभा ने बजट सत्र के पूर्वांतिम दिन मंगलवार को तीन महत्वपूर्ण संशोधन विधेयकों को ध्वनिमत से पारित कर दिया। इसके साथ ही सदन ने राज्य में जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) संशोधन अधिनियम, 2024 को लागू करने संबंधी सरकारी प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी। विधानसभा में पारित किए गए विधेयकों में सिक्किम निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं विनियमन) (संशोधन) विधेयक, 2026, बोर्ड ऑफ ओपन स्कूलिंग एंड स्किल एजुकेशन, सिक्किम (संशोधन) विधेयक, 2026 और सिक्किम अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं (संशोधन) विधेयक, 2026 शामिल हैं। ये सभी विधेयक 20 जुलाई को बजट सत्र के पहले दिन सदन में पेश किए गए थे। सदन ने वन एवं पर्यावरण मंत्री पिंछो नामग्याल लेप्चा द्वारा प्रस्तुत और विधायक सोनम छिरिंग वेनचुंगपा द्वारा समर्थित सरकारी प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की।
इस प्रस्ताव के जरिए संविधान के अनुच्छेद 252 के तहत राज्य में जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) संशोधन अधिनियम, 2024 लागू करने की अनुमति मांगी गई थी। प्रस्ताव में बताया गया कि संशोधित अधिनियम 15 फरवरी 2024 को अधिसूचित किया गया था और यह पहले ही हिमाचल प्रदेश, राजस्थान तथा कुछ केंद्र शासित प्रदेशों में लागू किया जा चुका है। अन्य राज्य भी अपनी विधानसभाओं में प्रस्ताव पारित कर इसे लागू कर सकते हैं। इस संशोधन का उद्देश्य जल प्रदूषण नियंत्रण कानून, 1974 के तहत कुछ प्रावधानों को अपराध की श्रेणी से हटाना, व्यापारिक प्रक्रियाओं को सरल बनाना और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों के अध्यक्षों की नियुक्ति प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित करना है। उपाध्यक्ष राज कुमारी थापा की अध्यक्षता में हुई विधानसभा की वित्तीय कार्यवाही के दौरान वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विभिन्न विभागों की अनुदान मांगों को भी मंजूरी दी गई। स्वीकृत विभागों में भवन एवं आवास, श्रम, शहरी विकास, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, संस्कृति एवं आयुष, कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन एवं पशु चिकित्सा सेवाएं, मत्स्य विकास, वन एवं पर्यावरण, खान एवं भूविज्ञान तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग शामिल हैं।