सिलीगुड़ी

सांसद ने पुलिस कमिश्नर को लिखा पत्र

आशा पैरामेडिकल एंड नर्सिंग इंस्टीट्यूट की धोखाधड़ी मामले में त्वरित कार्रवाई करने व पीड़ित विद्यार्थियों को न्याय दिलाने की मांग

सिलीगुड़ी : दार्जिलिंग के भाजपा सांसद राजू बिष्ट ने सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस के कमिश्नर सी. सुधाकर को पत्र लिख कर आशा पैरामेडिकल एंड नर्सिंग इंस्टीट्यूट मामले में त्वरित कार्रवाई करने व पीड़ित विद्यार्थियों को न्याय दिलाने की मांग की है। अपने पत्र में उन्होंने पुलिस कमिश्नर को लिखा है कि, 'मैं आपको आशा पैरामेडिकल एंड नर्सिंग इंस्टीट्यूट, शालबाड़ी के विद्यार्थियों से मिली एक शिकायत के बारे में लिख रहा हूं, जिसमें उन्होंने उक्त इंस्टीट्यूट के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं।विद्यार्थियों को मान्यता प्राप्त पैरामेडिकल और जीएनएम नर्सिंग कोर्स में एडमिशन का भरोसा दिलाया गया था। विद्यार्थियों ने कथित तौर पर इस उम्मीद में काफी पैसे दिए थे कि वे ऐसे वैध प्रोफेशनल कोर्स करेंगे जो उन्हें मेडिकल फील्ड में अपना करियर बनाने में मदद करेंगे। हालांकि, सर्टिफिकेट और मार्कशीट जारी होने पर विद्यार्थियों को पता चला कि वह इंस्टीट्यूट मान्यता प्राप्त पैरामेडिकल या नर्सिंग संस्थान के तौर पर नहीं बल्कि सिर्फ एक वोकेशनल ट्रेनिंग सेंटर के तौर पर ही काम कर रहा था। जब विद्यार्थियों ने स्पष्टीकरण मांगा, तो इंस्टीट्यूट के एडमिनिस्ट्रेटर वैध रजिस्ट्रेशन डिटेल या मान्यता का सबूत देने में नाकाम रहे। विद्यार्थियों ने यह भी बताया है कि कोर्स के दौरान पर्याप्त लैब सुविधाएं, उपकरण और ज़रूरी एकेडमिक इंफ्रास्ट्रक्चर कभी नहीं दिए गए। नतीजतन, विद्यार्थी ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें जारी किए गए वोकेशनल ट्रेनिंग सर्टिफिकेट उनके प्रोफेशनल करियर में किसी काम के नहीं हैं। जब विद्यार्थियों ने इस धोखाधड़ी का विरोध किया तो कथित तौर पर इंस्टीट्यूट के एडमिनिस्ट्रेटर छिप गए हैं।'

सांसद ने पुलिस कमिश्नर को पत्र में यह भी लिखा है कि, 'यह दुर्भाग्यपूर्ण मामला चिंता का गंभीर विषय है, क्योंकि इसमें कई विद्यार्थियों का भविष्य शामिल है और यह संभावित एकेडमिक और साथ ही वित्तीय शोषण की ओर इशारा करता है। मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि आप शिकायत का तुरंत संज्ञान लें और मामले की जांच करें और प्रभावित छात्रों के हितों की रक्षा के लिए उचित कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई शुरू करें।'

उल्लेखनीय है कि, शहर के प्रधान नगर थाना अंतर्गत शालबाड़ी इलाके में चल रहे उपरोक्त इंस्टीट्यूट की उपरोक्त धोखाधड़ी का मामला बीते रविवार को ही सामने आया। आरोपों की मानें तो 300 छात्रों से प्रति छात्र लगभग 1.30 लाख रुपये फीस ली गई थी। संस्थान का नाम बदलने के बाद विद्यार्थियों को जब ठगी का अहसास हुआ तो एकजुट हो कर उन्होंने संस्थान के बाहर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। पीड़ित छात्रों की शिकायत पर प्रधान नगर थाना की पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उक्त संस्थान से 2 महिलाओं समेत 3 लोगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपितों के नाम करीना राई, खेवाल खवास और सृजना खत्री बताए गए हैं। तीनों को रविवार को सिलीगुड़ी अदालत में पेश किया गया जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार, संस्थान का मुख्य संचालक फिलहाल फरार है और उसकी तलाश जारी है। इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि संस्थान के पास वैध दस्तावेज थे या नहीं। डीसीपी राकेश सिंह ने कहा कि पूरे मामले की जांच की जा रही है।

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