अलीपुरदुआर : अलीपुरदुआर जिले के फालाकाटा थाना अंतर्गत धनीरामपुर एक ग्राम पंचायत क्षेत्र में रविवार दोपहर उस वक्त सनसनी फैल गई, जब जंगल से निकलकर आए एक तेंदुए ने गांव में घुसकर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। काली नदी के पुल के पास हुए इस अचानक हमले में सात ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी, दहशत और भारी उत्तेजना का माहौल बन गया।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रविवार दोपहर तेंदुआ अचानक गांव में दिखाई दिया और सामने जो भी आया, उस पर झपट पड़ा। कुछ ही पलों में सात लोग उसके हमले का शिकार हो गए। तेंदुए के हमले से गांव में चीख-पुकार मच गई और जान बचाने के लिए लोग इधर-उधर भागने लगे। हालात उस समय और बेकाबू हो गए, जब तेंदुआ अन्य ग्रामीणों की ओर भी हमला करने की कोशिश करने लगा। तेंदुए के हमले से आक्रोशित ग्रामीणों ने आत्मरक्षा के नाम पर तेंदुए को चारों ओर से घेर लिया। आरोप है कि उत्तेजित भीड़ ने लाठी-डंडों से पीट-पीटकर तेंदुए को मार डाला, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना के बाद गांव में तनाव और भय का माहौल और गहरा गया। हमले में घायल सभी ग्रामीणों को तुरंत फालाकाटा सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और बीरपाड़ा राज्य सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।
कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
इधर घटना की सूचना मिलते ही दलगांव रेंज के वनकर्मी मौके पर पहुंचे और तेंदुए के शव को बरामद किया। जलपाईगुड़ी डिवीजन के डीएफओ वी. विकास ने बताया कि तेंदुए की मौत के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। यह स्पष्ट किया जाएगा कि तेंदुए को जानबूझकर पीटकर मारा गया या फिर आत्मरक्षा की स्थिति में यह घटना घटी। तेंदुए के शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। फिलहाल घटना के बाद से पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है, वहीं मानव-वन्यजीव संघर्ष को लेकर प्रशासन और वन विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं।