आलू के तबाह हुए खेत  
सिलीगुड़ी

बारिश का कहर,फसल कटाई से पहले ही तबाह

अलीपुरदुआर : जिले में अचानक हुई बेमौसम बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। अलीपुरदुआर जिले के फालाकाटा ब्लॉक के जटेश्वर काजली हॉल्ट संलग्न हेदायतनगर इलाके में आलू की खेती करने वाले किसान भारी नुकसान का सामना कर रहे हैं। खेतों में पानी भर जाने से बीघों के हिसाब से खड़ी फसल जलमग्न हो गई है और आलू सड़ने लगे हैं।

किसानों के अनुसार, इस बार उन्होंने काफी उम्मीदों के साथ आलू की खेती की थी। मौसम अनुकूल रहने के कारण फसल भी अच्छी हुई थी और उत्पादन बेहतर होने की संभावना थी। लेकिन जैसे ही फसल कटाई का समय आया, अचानक हुई तेज बारिश ने सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। खेतों में जलभराव के कारण आलू निकालना मुश्किल हो गया है और जो फसल तैयार थी, वह अब खराब होने लगी है। हेदायतनगर के किसान जय कुमार दास ने बताया कि उन्होंने बैंक और निजी स्रोतों से कर्ज लेकर खेती की थी।

अच्छी फसल होने के कारण उन्हें उम्मीद थी कि इस बार कर्ज आसानी से चुका देंगे और कुछ मुनाफा भी होगा। लेकिन बारिश ने उनकी सारी योजनाओं को बिगाड़ दिया। अब फसल के खराब होने से वह गहरे आर्थिक संकट में आ गए हैं और कर्ज चुकाने को लेकर चिंतित हैं। इसी तरह स्थानीय किसान मनश्वर बर्मन ने भी अपनी परेशानी साझा करते हुए कहा कि आलू निकालने के ठीक समय पर हुई बारिश ने उनकी पूरी मेहनत बर्बाद कर दी। उन्होंने कहा, “फसल तैयार थी, बस निकालना बाकी था। लेकिन इस बारिश ने सब कुछ खत्म कर दिया। अब सबसे बड़ी चिंता कर्ज चुकाने की है।” स्थानीय सूत्रों के अनुसार, केवल हेदायतनगर ही नहीं बल्कि जटेश्वर और आसपास के कई गांवों में भी यही स्थिति बनी हुई है। जगह-जगह खेतों में पानी भरा हुआ है और फसल तेजी से खराब हो रही है। किसानों के चेहरों पर मायूसी साफ देखी जा सकती है।

कृषि पर निर्भर इस क्षेत्र में बेमौसम बारिश ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि किसान पूरी तरह प्राकृतिक परिस्थितियों पर निर्भर हैं। एक छोटी सी मौसम की मार भी उनकी सालभर की मेहनत को बर्बाद कर सकती है। अब किसान प्रशासन से राहत और मुआवजे की उम्मीद लगाए बैठे हैं। उनका कहना है कि अगर जल्द सहायता नहीं मिली, तो उनके लिए आर्थिक संकट और गहरा सकता है। फिलहाल, क्षेत्र में निराशा और चिंता का माहौल बना हुआ है।

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